मुंह बांधकर परिवार वालों ने दी वन विभाग को सूचना
शहर के मोहल्ला टेहरा शहरी में निघासन रोड के किनारे बस्ती के एक घर में मगरमच्छ का बच्चा घुस गया। परिवार वालों ने किसी तरह से उसका मुंह बांधकर शोर मचाया। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। इस कारण काफी देर तक मोहल्ले में अफरा-तफरी रही।
निघासन रोड पर तहसीलदार आवास के सामने रोड के किनारे बस्ती है। चारपाई पर सूरज की एक साल की लड़की सो रही थी। सुबह करीब सात बजे सूरज की पत्नी झाडू लगाने के लिए उठी तो उसने चारपाई के नीचे मगरमच्छ को देखा तो वह शोर मचाते हुए बाहर भागी। किसी तरह उसने हिम्मत दिखाकर चारपाई पर लेटी बच्ची को भी उठा लिया। इसके बाद मोहल्लेवासियों के सहयोग से सूरज ने मगरमच्छ का मुंह बांध दिया तथा बाहर लेकर आया। लगभग एक घंटा बाद वन विभाग को मोहल्ले वालों ने सूचना दी। जिस पर अपनी टीम के साथ पहुंचे वन दरोगा बिजेंद्र कुमार ने मगरमच्छ को काबू पाकर उसका मुंह और पैर बांधकर उसको नकउहा नाला में छोड़ दिया। वन दरोगा बिजेन्द्र कुमार ने बताया कि मगरमच्छ के बच्चे को पकड़कर नकउहा नाला में छोड़वा दिया गया है।
उल्ल नदी में मगरमच्छ दिखने से हड़कंप
महेवागंज। शहर से सट कर बहने वाली उल्ल नदी के किनारे कपड़े धो रहे लोगों में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब उन्हें पानी में मगरमच्छ नजर आया। हमले के डर से लोग कपड़े वहीं छोड़कर दूर जा हटे। लोगों की मानें तो पानी में उन्हें कई मगरमच्छों की हलचल दिखाई पड़ी।
शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली उल्ल नदी में अक्सर लोग कपड़े धोने जाते हैं, या यूं कहे कि नदी के छोर पर यहां अक्सर धोबी घाट नजर आता है। गुरुवार सुबह कुछ लोग नदी के करीब कपड़े धोने पहुंचे थे। ग्रामीणों की मानें तो पानी में कपड़े डालते ही नदी में कुछ हलचल नजर आई और कुछ ही देर में विशालकाय मगरमच्छों का जोड़ा भी उनकी ओर लपका। इस बीच लोग कपड़े छोड़ दूर जा भागे। दहशत का आलम यह है कि नदी किनारे जाने से लोग कतराने लगे हैं।
मगरमच्छ दिखने से दहशत
मितौली। क्षेत्र के तालाबों और नदियों में मगरमच्छों की मौजूदगी से लोग दहशत में हैं। लोगों ने धनीपुर पुल के पास दो मगरमच्छ देखे। सूचना फैलते ही भीड़ उमड़ पड़ी। देरशाम तक लोग पुल पर ही जमा रहे। सूचना के बाद भी मौके पर वन विभाग के लोग नहीं पहुंचे। इससे पहले भीखमपुर क्षेत्र में भी मगरमच्छ देखे जा रहे थे।