भारतीय इलाके में फार्म पर करता था मजदूरी
एसएसबी जवानों ने भी अपनी हाथियों से बचाई जान
दुधवा नेशनल पार्क की सोठियाना रेंज के अंतर्गत कैमागौढ़ी पुलिया के पास नोमैस लैंड पर नेपाली इलाके में जंगली हाथियों के झुंड ने नेपाली मजदूर की जान ले ली। मजदूर का शव देखकर उधर से गुजरने वाले राहगीरों ने इसकी सूचना पास स्थित गांव में दी। सूचना पर कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पार्क और नेपाली अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को नेपाल ले गए।
दुधवा नेशनल पार्क की सोठियाना रेंज में कैमागौढ़ी पुलिया के पास नोमैस लैंड के नेपाली क्षेत्र में जंगली हाथियों के एक झुंड ने खूब कहर बरपाया। सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र में मजदूरी करने आ रहा नेपाल के बिचपटा गांव निवासी मजदूर मान बहादुर पुत्र सीताराम को हाथियों ने मार डाला। खबर पाकर भारतीय सीमा के गांव घोला आदि के कई ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने सूचना दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन को दी। अधिकारियों ने इसकी जानकारी नेपाली प्रशासन को दी, जिस पर वहां के अधिकारी भी आ गए। नेपाली क्षेत्र होने के कारण उसके शव को नेपाल ले जाया गया है। बताते हैं कि झुंड से कई जवान भी बाल-बाल बचे हैं। जंगली हाथियों का इस इलाके में आना- जाना आम बात है। जंगली हाथी समय- समय पर ग्रामीणों के खेतों में खड़ी फसलों को भी रौंद डालते हैं।
इससे पहले भी ग्रामीण हो चुके हैं हाथियों का शिकार
बीती 31 जनवरी को दुधवा नेशनल पार्क के सलूकापुर में तैनात चारा कटर को पार्क के पालतू हाथी ने पटक- पटक कर मार दिया था। इससे पूर्व वर्ष 2016 में संपूर्णानगर परिक्षेत्र में एक ग्रामीण को जंगली हाथी ने मार डाला था। इसी वर्ष में चंदन चौकी परिक्षेत्र के एक गांव में खेत की रखवाली कर रहे एक ग्रामीण को भी जंगली हाथियों ने मार दिया था।
जानलेवा घटनाओं से बढ़ रही है ग्रामीणों में दहशत
जंगली हाथियों का खेतों में उत्पात मचाकर फसलों को तबाह करना आम बात है, लेकिन जब वह जान लेने लगे तो चिंता होना स्वाभाविक बात है। ऐसा ही अब हो रहा है, हाथियों द्वारा लगातार अंजाम दी जा रही जानलेवा घटनाओं से जंगलों से सटे गांव के ग्रामीणों में दहशत पैदा हो गई है।