बुधवार को जीआरपी थाने के सामने वाली बेंच पर बैठी दो छात्राओं के साथ एक शोहदे ने छेडछाड़ शुरू कर दी । छात्राओं ने साहस दिखाते हुए उसे पकड़कर जीआरपी के हवाले कर दिया। जिसे जीआरपी ने शाम का छोड़ दिया।
भले ही महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जीआरपी के आला अफसर संजीदा हों, लेकिन यहां का जीआरपी महकमा महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह बना हुआ है। बुधवार को स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहीं दो छात्राओं को एक शोहदे ने छेड़ना शुरू कर दिया। इससे परेशान दोनो छात्राओं ने सुरक्षा के लिहाज से जीआरपी थाने के पास वाली सीट पर बैठना उचित समझा लेकिन इस शोहदे ने वहां पर भी जाकर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। तंग आकर दोनों छात्राओं ने हिम्मत जुटाते हुए शोहदे को पकड़ लिया और थाने पर मौजूद जीआरपी कर्मियों के हवाले कर दिया। बताते हैं कि छात्राओं ने इस बावत थाने पर प्रार्थना पत्र भी दिया था । जिस पर जीआरपी ने शोहदे को शाम तक थाने पर बिठाए रखा। बताते हैं कि उसके परिवार वालों को बुलाकर शाम को उसे छोड़ दिया।
थानाध्यक्ष जीआरपी राघवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार छात्राएं एक युवक को पकड़ कर थाने पर लायी थीं। युवक छात्र था। दोबारा ऐसा न करने की हिदायत देकर उसे छोड़ दिया गया।