बदायूं के बिल्सी के गढ़ौली गांव में डीजे बजाने से मना करने गए सिपाहियों पर हुए हमले में मरे सिपाही शहीम खां क्षेत्र के गांव चंदेला का रहने वाला था। हालांकि उनकी पत्नी और पांचों बच्चे शाहजहांपुर में रह रहे हैं। वह गांव तभी आते हैं, जब परिवार में कोई कार्यक्रम हो, लेकिन शहीम के व्यवहार कुशल होने के कारण हर कोई उनका प्रशंसक है। शहीम के मरने की खबर यहां आई तो हर कोई उदास हो गया। गुरुवार को कई घरों में चूल्हा नहीं जला और तमाम लोग उनके जनाजे में शामिल होने के लिए शाहजहांपुर रवाना हो गए।
सिपाही शहीम के पिता भी पुलिस सेवा में थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनका निधन हो गया तो शहीम परिवार समेत शाहजहांपुर के मोहल्ला मामूड़ी ईदगाह में रह रहा है। पत्नी राबिया बेगम, तीन बेटियां और दो पुत्र के साथ यहां रहती हैं। पांच भाइयों में दूसरे नंबर के सहीम हैं। बड़े भाई वसीम खां बरेली के थाना भुता में सिपाही हैं, तीसरे नंबर के नईम खां गांव पर रहकर खेती संभालते हैं। चौथे नंबर के भाई मोहम्मद नसीम खां भी बरेली में पुलिस लाइंस में सिपाही हैं, जबकि सबसे छोटे डॉ मुश्तकीम को जंग बहादुरगंज में क्लीनिक है और वह यहीं रहते हैं।