जंगल पर निर्भरता से इंसान और वन्यजीव दोनों खतरे में
वन्यजीवों के हमलों में अब तक कई ग्रामीण हुए हैं जख्मी
दक्षिण खीरी वन प्रभाग में बाघ के हमले से पिछले सात माह में छह मौतें हो गई हैं। इस प्रभाग में मैलानी रेंज में आने वाले सुआबोझ वन ब्लाक में कपरहाकुंआ निवासी किशोरी सरस्वती की सोमवार को बाघ के हमले से मौत हुई है। बाघों के लगातार हमले से जंगल से सटे गांव में रहने वाले लोग दहशत में है। जंगल से सटे गांव के लोगों को अपनी जरूरतों के लिए जंगल में जाने और जंगली जानवरों का किसी न किसी कारण से जंगल से बाहर आने के कारण दोनों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। जंगल से सटे लोग जंगली जानवरों के हमलों से दहशतजदा हैं और वन विभाग ऐसी घटनाओं को रोकने में लाचार साबित हो रहा है। आलम यह है कि बाघ सात महीने के अंदर दो किशोरियों समेत छह लोगों की जान ले चुके हैं, जबकि बारह से भी अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इसके पहले इसी रेंज की खरेहटा बीट में सात जुलाई को बाघ 70 वर्षीय भोगन कश्यप को अपना निवाला बना चुका है। भोगन जंगल किनारे बकरियां चराने गए थे। शाम तक घर न लौटने पर खोजबीन करने पर उनका अधखाया शव जंगल में मिला था।
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सात महीने में बाघ हमलों में इनकी हुई मौत
मैलानी, भीरा, दुधवा रेंज के जंगल से सटे गांव ढाका, कुकरा, सोहनरा भूड़, बिहारीपुर, खरेहटा और कपरहाकुआ में खेतों की रखवाली, फसलों की कटाई और आवश्यकता के चलते जंगल के अंदर गए ग्रामीणों पर छुपे बाघ-बाघिन ने विगत सात माह में कई बार हमले किए । इनमें 15 वर्षीय दो किशोरियों किरन और सरस्वती के अलावा रईस, तरसेम सिंह, अंजनि और भोगन कश्यप को जान से हाथ धोना पड़ा।
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ये हो चुके घायल
- 21 सितंबर 2012: मड़हा सेंक्चुरी में फूस काटने गए खंजनपुर निवासी इंदर को घायल किया
- 20 नवंबर 2014: उल्ल नदी किनारे घास काटने गए सीतारामपुर निवासी लक्ष्मन को किया लहुलुहान।
- 07 जनवरी 2014: पहाड़पुर जंगल किनारे खेत की रखवाली करते अजय को जख्मी किया।
- 04 मार्च 2015: मैलानी रेंज की खरेहटा बीट में शिकारियों पर बाघ का हमला।
- 09 अप्रैल 2016: मैलानी में जंगल किनारे खेत की रखवाली कर रही सुखिया पर हमला।
- 26 मई 2016: मैलानी की महुरैना बीट के गंगापुर निवासी सोनू को घायल किया।
-16 जून 2016 : किशनपुर सेंक्चुरी बीट में झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ ने गांव उजागरपुर निवासी 26 वर्षीय युवक छंगा को घायल किया।
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जश्ने आजादी के दिन गम में डूबा कपरहा कुआं
मैलानी। लोगबाग 15 अगस्त को जहां आजादी का जश्न मना रहे थे, वहीं ग्राम पंचायत सुआबोझ केे गांव सुरजनपुर कपरहा कुआं के लोग गांव की बिटिया सरस्वती की बाघ के हमले में हुई मौत के गम में डूबे हुए थे। राजामंडी के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ने वाली सरस्वती सात भाई बहनों में सबसे छोटी थी। मां के साथ वह जंगल में लकड़ी बीनने गई थी और वहां बाघ के हमले में उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही तमाम ग्रामीण उसके घर पहुंचे। सरस्वती का पिता हिंछलाल मानसिक मंदित होने के नाते बिटिया की मौत से अनजान उसके शव के पास बैठा रोजाना की तरह अजीबोगरीब हरकतें करता रहा। पूरे गांव में शोक का माहौल था, वहीं सरस्वती की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। बाघ के हमले में किशोरी की मौत की खबर पाते ही पलिया नगर पंचायत अध्यक्ष अनीता यादव सुरजनपुर गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार को सांत्वना तथा हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।