शहर में फर्जी आईडी लगाकर सिम बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ हैै, जिनके द्वारा बेचे गए सिम से एक व्यापारी को फोन कर 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपी दुकानदारों को गिरफ्तार किया हैं, जिन पर रंगदारी मांगने वाले आरोपी की मदद का भी आरोप है।
बता दें कि कुछ दिनों से शहर से सटे गांव फत्तेपुर निवासी व्यापारी सुरेश सिंह को अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर कुख्यात अपराधी बग्गा सिंह के नाम पर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कई बार दूसरे नंबरों से फोन कर अज्ञात व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी देते हुए 20 लाख रुपये मांगे थे। पुलिस के लिए सिरदर्द और व्यापारी के लिए आतंक का पर्याय बने रंगदारी मांगने वाले अज्ञात व्यक्ति को पकड़ने में अभी कोतवाली पुलिस को सफलता नहीं मिली है, लेकिन जिन सिम का प्रयोग हुआ, उनका खुलासा जरूर हुआ है। मिश्राना चौकी इंचार्ज हंसमती ने बताया कि रंगदारी मांगने के लिए दो सिम प्रयोग किए गए हैैं। मोहल्ला नौरंगाबाद स्थित मोबाइल दुकानों से दो सिम खरीदे गए हैं, जिस मामले में वाजपेयी कॉलोनी निवासी तंजीम, खीरी टाउन के मोहल्ला शेखसराय निवासी नूर मोहम्मद और मोहल्ला अर्जुनपुरवा निवासी पवन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि इन लोगों ने फर्जी आईडी लगाकर सिम जारी किए थे, जिनका प्रयोग व्यापारी को धमकाकर रंगदारी मांगने में किया गया। इनके खिलाफ धारा 507, 419, 420, 468, 471, 506, 385, 120 बी आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर चालान भेजा गया है।
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ऐसे पकड़े गए तीनों
रंगदारी मांगने वाले अभियुक्त की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर की डिटेल निकलर्वाई, तो उसमें फर्जी नाम-पता दिया गया था। हालांकि पुलिस ने उस पते को ट्रेस किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर पुलिस ने मोबाइल कंपनी के पास जमा कनेक्शन फार्म को खंगाला, जिसमें दुकानदार का ब्योरा रहता है। उस ब्योरे की मदद से पुलिस फर्जी आईडी लगाकर सिम बेचने वाले दुकानदारों तक पहुंचने में कामयाब रही।
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इंटरनेट के लिए फर्र्जी आईडी पर जारी हो रहे सिम
सूत्र बताते हैं कि इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग और कंपनियों के आफर का लाभ लेने के लिए डीलर और दुकानदार फर्जी आईडी लगाकर सिम जारी कर रहे हैं। एक-दो महीने तक प्रयोग करने के बाद फेंक देते हैं।