लखनऊ में चल रहा था इलाज, वहीं हुई पुष्टि
शहर के मोहल्ला ईदगाह निवासी अब्दुल वहीद खां उर्फ कल्लू को बुखार आने पर गुरुवार को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। बताते हैं कि भर्ती किए जाने के बाद उनकी कई जांचें कराई गईं थीं, जिसके आधार पर डॉक्टरों ने डेंगू बुखार की पुष्टि की थी ।
ईदगाह मोहल्ले के पूर्व सदस्य शोएब अहमद ने बताया कि अब्दुल वहीद खां खीरी रायफल क्लब में रेंज अधिकरी के रूप में कार्यरत थे। गुरुवार को उन्हें तेज बुखार आया, जिस पर उन्हें लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने उनकी कई जांचें कराई थीं। जांच रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों ने अब्दुल वहीद को डेंगू होना बताया था। शोएब अहमद ने बताया कि शनिवार की सुबह अचानक अब्दुल वहीद की तबियत खराब हो गई और मुंह से ब्लड भी आने लगा, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।
लखनऊ में जांच के दौरान कई लोगों में हो चुकी है डेंगू की पुष्टि
लखीमपुर खीरी। जिले में बुखार और डेंगू की चपेट में आकर कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मरीजों का इलाज लखनऊ में चल रहा है। लखनऊ में जांच के दौरान कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि कर चुके हैं। वहीं यहां सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य अधिकारी तक डेंगू को पुरजोर तरीके से नकारने में जुटे हैं, जिससे निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम नहीं किए जा सके हैं। अब भी अफसर डेंगू से किसी की मौत होना स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वहीं दूसरे जिलों में हुई जांच में यहां के 15 लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं।
मच्छर जनित इस बीमारी से निपटने के लिए मच्छरों पर नियंत्रण करना आवश्यक है। इसके लिए शहर में नगर पालिका की ओर से खानापूर्ति करते हुए फॉगिंग कराई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों की रोकथाम के लिए कोई प्रयास ही नहीं किए गए। ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये मिलते हैं, लेकिन इस धनराशि को खर्च नहीं किया जा रहा है। गांवों में फॉगिंग की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही गांवों में मच्छरों को मारने के लिए डीडीटी का छिड़काव हुआ है। लिहाजा डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ जावेद अहमद की दलील है कि ज्यादातर बुखार के मामले आ रहे हैं, जिनमें भी प्लेटलेट्स कम हो जाती है लेकिन इसे डेंगू का मामला नहीं कहा जा सकता। अब तक पांच लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं, जो उपचार से सही हो चुके हैं।
एक नर्सिंग होम में मिले डेंगू के संभावित मरीज
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के नर्सिंग होम में पड़ताल की तो डेंगू सहित अन्य बुखार के मरीजों का इलाज होता पाया। इतना ही नहीं नर्सिंग होम में मरीजों की बाबत कोई रिकार्ड नहीं मिला। इससे मरीजों की संख्या का पता नहीं चल सका।
डेंगू से निपटने के पुख्ता हैं इंतजाम
सीएमओ डॉ.जावेद अहमद का कहना है कि डेंगू के मरीजों के लिए दस बेड का वार्ड रिजर्व हैं और जिला अस्प्ताल में बुखार पीड़ितों के लिए बुखार सहायता केंद्र भी बनाया गया है। इसी के साथ जिला अस्पताल में सातों दिन ओपीडी की जा रही है और जिस गांव में बुखार पीड़ित मरीज होने की जानकारी मिलती है वहंां पर सीएचसी पीएचसी से डॉक्टरों की टीम भेजकर सभी को दवाएं दिलाने के साथ साथ एंटी लार्वा एवं फॉगिंग कराई जाती है।