कारागार में सिर में चोट लगने से बंदी पति तरवारी (60) की मौत की खबर सुनकर महिला बैरक में निरुद्ध उसकी 55 वर्षीय पत्नी शांति देवी की ब्लड प्रेशर बढ़ने से हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार रातभर जिला अस्पताल में इलाज होने पर भी महिला बंदी की हालत में सुधार नहीं हुआ तो शुक्रवार को डॉक्टर ने उसे लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर आरके वर्मा ने इस बाबत कारागार प्रशासन को पत्र भी भेज दिया है।
बस एक बार पति को दिखा दो साहब!
डीएम के दखल के बाद एंबुलेंस से अंतिम संस्कार में ले जाया गया शांति को
लखीमपुर खीरी। पति की मौत की खबर सुनकर हालत बिगड़ने के बावजूद महिला बंदी 55 वर्षीय शांति देवी पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल से जेल पहुंची और जेल अधीक्षक एचआर दोहरे के सामने गिड़गिड़ाने लगी। हाथ जोड़कर बोली-साहब बस एक बार पति को दिखा दो, हमें इलाज नहीं कराना है। महिला बंदी ने कई बार हाथ जोड़कर कारागार अधिकारियों से विनती की, लेकिन अधीक्षक ने असमर्थता जता दी। इस बीच भाजपा नेता विनोद धौरहरा ने डीएम गौरव दयाल को महिला की व्यथा बताई। नतीजतन डीएम के निर्देश पर एंबुलेंस से महिला बंदी को धौरहरा क्षेत्र के गांव लालापुरवा में पति तरवारी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एंबुलेंस से भेजा गया। इधर, जेलर ज्ञानप्रकाश ने बताया कि डीएम के निर्देश पर मिली एंबुलेंस से पहले शांति को पति के अंतिम दर्शन के लिए धौरहरा और उसके बाद मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
डीएम ने एसडीएम को साैंपी जांच
कारागार में संदिग्ध हालात में बंदी की मौत के मामले में डीएम ने एसडीएम सदर को जांच के निर्देश दिए हैं। कारागार अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के संबंध में उन्हें पत्र मिल गया है।
जेल के डॉक्टर पर परेशान करने का आरोप
अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि बंदी तरवारी के साथ ही उसका पुत्र गंगाराम भी जेल में निरुद्ध है। उसके कहने पर ही दोनों को कारागार के छह नंबर बैरक में रखा गया था। पुत्र से बातचीत करने पर पता चला कि जेल के डॉक्टर ने उसके पिता को परेशान किया, जिससे वह तनावग्रस्त थे। यह भी पता चला है कि कारागार में गिरने के कारण उसके सिर में चोट आई। पूरे मामले में छानबीन की जा रही है।