आसमान में छाए बादलों और सर्द हवाओं से एक बार फिर शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है। गिरते तापमान के बीच भीषण शीत लहर से पूरी तराई कांप उठी है। सोमवार शाम से ठंडी हवाएं चलना शुरू हुईं। सुबह हवाएं और तेज हो गईं, बादल छाए रहने से दिन भर सूरज नहीं निकला। दोपहर करीब 12 बजे हल्की बूंदाबांदी भी हुई। कड़ाके की ठंड के चलते लोग या तो रजाइयों में दुबके रहे या अलाव तापकर ठंड से बचाव की कोशिश करते दिखे। भीषण ठंड को देखते हुए जिले के सभी स्कूल-कॉलेज 23 जनवरी तक के लिए बंद कर दिए गए हैं।
दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में एक बार चंद दिनों तक शीतलहर चलने के बाद तापमान में जो बढ़ोतरी शुरू हुई वह 15 जनवरी तक जारी रही। इससे लोग ठंड बढ़ने की उम्मीद ही छोड़ बैठे थे। 16 जनवरी के बाद एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया। मंगलवार को सुबह से सर्द हवाएं तेज हो गईं। आसमान में बादल छाए रहे। दिन भर सूरज न निकलने से गलन और ज्यादा बढ़ गई। दोपहर में हल्की बूंदा-बांदी हुई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 15.00 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 05.00 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
भीषण ठंड के चलते लोग दिन में भी लोग सड़क किनारे और चौराहों पर अलाव तापते रहे। अधिकतर लोग दिन भर रजाइयों में दुबके रहे। भारी भरकम कपड़ों में लदे फंदे होने के बावजूद भी लोगों की कंपकंपी छूट रही रही थी। ठंड बढ़ने के साथ ही गर्म कपड़ों की बाजार में भी रौनक आ गई है। अब तक गर्म कपड़ों का बाजार ठंडा पड़ा था।
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कक्षा 12 तक के स्कूल कॉलेज 23 तक बंद
भीषण ठंड को देखते हुए डीएम किंजल सिंह के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल कॉलेजों को 20 से 23 जनवरी तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं पूर्ववत जारी रहेंगी। शिक्षक और शिक्षिकाएं स्कूल में उपस्थित रहकर अन्य कार्य करेंगे। ये आदेश सभी सरकारी गैर सरकारी, सहायतित और वित्त विहीन स्कूल कालेजों पर भी लागू होगा। आदेश में डीआईओएस ने कहा कि इस दौरान यदि कोई विद्यालय खुला पाया गया तो उसके प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि 24 जनवरी को रविवार है, इसलिए स्कूल कॉलेज अब 25 जनवरी को खुलेंगे। मोहम्मदी। कस्बे में मंगलवार दोपहर से शुरू हुई बूंदाबादी से शीत बढ़ गई । ठंड बढ़ जाने के कारण लोगों को आग का सहारा लेना पड़ा। बारिश होने के कारण स्कूली बच्चों को बूंदाबादी में ही घर जाना पड़ा। किसानों का कहना है कि वर्षा से फसलों को फायदा मिलेगा।
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नहीं जल रहे अलाव, गरीब परेशान
मझगईं। प्रशासन की उदासीनता से अब तक नौगवां और मझगईं कस्बे में कहीं भी अलाव जलते नजर नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र में पड़ रही भीषण ठंड ने लोगों को कंपा कर रख दिया है। कई दिनों से इलाके में पड़ रही ठंड से लोग कांप रहे हैं। प्रशासन ने अब तक न अलाव जलवाने की व्यवस्था की है और न ही कंबलों का ही वितरण किया है। ग्रामीणों के मुताबिक अलाव न जलने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीबों तथा राहगीरों को उठानी पड़ रही है मगर प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। मोहित नाग, विनय कुमार, बरकत अली, प्रहलाद मौर्य, मंसूर अली, राधेश्याम, राकेश, सर्वेश कुमार आदि लोगों ने अलाव जलवाने की मांग की है।