घटनास्थल पर मची चीख-पुकार, मृतकों के घरों में मचा कोहराम, परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल
थाना हैदराबाद के गांव आंवला में ट्रैक्टर ट्रॉली और बोलेरो में हुई जबरदस्त भिड़ंत के बाद वहां का मंजर देख लोग सिहर उठे। हर तरफ चीख पुकार मच गई तो बिखरी लाशों को देख रोंगटे खड़े हो गए। उधर थाना मोहम्मदी के गांव बिचपरी में जब हादसे की खबर पहुंची तो समूचा गांव दहल उठा। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। गांव में चीखपुकार मच गई।
शाहजहांपुर के गांव तकेली निवासी वीरेश ने दो महीने पहले ही बोलेरो खरीदी थी। उसे क्या पता था कि जिस बोलेरो से वह अपने चचिया ससुर को देखने परिवार के अन्य लोगों को लेकर जा रहा है, वह उसके लिए काल बन जाएगी। हादसा इतना भीषण था कि आसपास के लोग भी कांप उठे। मौके पर मौत के गाल में समाए चालक वीरेश कुमार का क्षत-विक्षत शव पड़ा था। इधर, सात लोगों के मारे जाने की सूचना जब गांव बिचपरी में पहुंची सभी लोग अवाक रह गए। गांव में चीखपुकार मच गई। मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। मृतकों के परिवार वाले गश खाकर गिर गए। गांव के लोग उन्हें संभाल रहे थे और ढाढ़स बंधा रहे थे। रोते-बिलखते परिवारों के अन्य लोग घटनास्थल पहुंचे।
ठाकुर ने दिया हिम्मत का परिचय
गांव आंवला के ठाकुर ने न सिर्फ घायलों को उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, बल्कि जिला अस्पताल तक साथ आए। ठाकुर ने जिला अस्पताल में भी तत्परता से घायलों को भर्ती कराया। एसपी मनोज कुमार झा ने भी ठाकुर की सराहना करते पुरस्कृत करने की घोषणा की।
जाको राखे साइयां
जाको राखे साइयां मार सके न कोय की कहावत आज उस समय फिर सच साबित हो गई, जब इतनी जबरदस्त भिड़ंत के बाद भी कार चालक वीरेश के पांच वर्षीय पुत्र अनस को चोट तक नहीं लगी। घटना के बाद कार से किसी तरह वह खुद निकला। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि बच्चा काफी भयभीत होकर थरथर कांप रहा था। उधर अनस की मां और पिता दोनों की जान चली गई है, लेकिन उसे क्या पता कि उसके सिर से मां बाप का साया उठ चुका है।