पत्नी को विदा कराने पहुंचा था युवक मिली मौत
पत्नी को विदा कराने पहुंचे युवक की गला दबाकर हत्या करने के मामले में एडीजे लालता प्रसाद ने हत्यारोपी सास और साढ़ू सहित तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कफील अहमद अंसारी ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया निवासी प्रदीप अवस्थी के लड़के अंशुमान की शादी थाना क्षेत्र के ही चौरा गांव निवासी क्षमा देवी के साथ हुई थी। क्षमा की बड़ी बहन रूबी की शादी पड़ोस में ही लखपेड़ा निवासी रामलखन के साथ हुई थी, जीजा-साली के बीच रिश्तेदारी को लेकर कई बार कहासुनी भी हुई। संबंध इतने बिगड़ गए कि रामलखन के बड़े भाई देवदत्त को गोली मारकर मौत के घाट उतारने का प्रयास किया गया। इस घटना में अंशुमान का नाम सामने आने पर दुश्मनी बढ़ गई। जब छह अक्तूूबर 2007 को अंशुमान अपनी पत्नी क्षमा को विदा कराने ससुराल गांव चौरा गया तो सास सुषमा ने बताया कि क्षमा यहां नहीं है, अपनी बड़ी बहन रूबी के वहां लखपेड़ा गई है, जब अंशुमान अपनी पत्नी को विदा कराने साढू रामलखन के घर लखपेड़ा पहुंचा तो वहां उसे बहाने से रोक लिया गया। आरोप है कि साढू रामलखन ने अपनी सास सुषमा देवी के साथ साजिश रचते हुए अपने साथी रामगुलाम, राधेश्याम, विनोद सिंह और सुशील कुमार के साथ मिलकर अंशुमान की गला दबाकर हत्या कर दी और लाश गांव के बाहर डाल दी। पिता प्रदीप अवस्थी ने पहले गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन अंशुमान की लाश मिलने के बाद सुषमा, क्षमा, देवदत्त, रामलखन और दयाशंकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, मगर पुलिस ने जांच के बाद रामलखन, रामगुलाम, राधेश्याम, विनोद सिंह, सुशील और सुषमा के खिलाफ चार्जशीट लगाई। अदालती सुनवाई के दौरान जमानत पर छूटा राधेश्याम फरार हो गया तो उसकी फाइल अलग कर दी गई जबकि रामगुलाम और सुशील को बरी कर दिया। अदालत ने सुनवाई के बाद शनिवार को फैसला सुनाते हुए रामलखन, विनोद और सुषमा को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, साथ ही सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।