प्रशासन को अंदेशा है कि शहर का रोडवेज बस स्टैंड मानव तस्करी के लिए मुफीद साबित हो सकता है। तस्कर यहां से नजर बचाकर आराम से तस्करी का गोरखधंधा कर सकते हैं। प्रशासन इसकी निगरानी के लिए रोडवेज बस स्टैंड पर तीन कैमरे लगवाने जा रहा है। इससे बस स्टैंड पर होने वाली हर गतिविधि की निगरानी की जा सकेगी।
नेपाल में आए भूकंप के बाद से शासन मानव तस्करी की घटनाओं को लेकर काफी सतर्क हो गया है और चौकसी बरतने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने इस संबंध में उन जगहों को चिह्नित किया है, जहां मानव तस्करी हो सकती है। रोडवेज बस स्टैैंड पर नेपाल बार्डर से सटे बहराइच और रूपईडीहा से भी बसें आती हैं, जिसमें नेपाल के लोग भी मौजूद होते हैं। इन बसों के जरिए ही तस्कर घटनाओं को अंजाम देने में सफल हो जाते हैं। वहीं सीमा से सटे स्टेशनों से आने वाली ट्रेनों में भी मानव तस्करी की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने इन सभी बिंदुओं पर गहनता से अध्ययन करने के बाद रोडवेज बस स्टैंड पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्णय किया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत रोडवेज बस स्टैंड पर तीन कैमरे लगवाए जाएंगे। वहीं रेलवे प्रशासन ने अब तक कैमरे लगवाने के लिए एनओसी नहीं दी है, लेकिन जल्द ही कैमरे लगवाने की मंजूरी मिल गई है। प्रोबेशन अधिकारी के मुताबिक कैमरे लगवाने के बाद बाल श्रम, मानव तस्करी समेत तमाम गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।