शहर में चोरी और लूट का सिलसिला जारी है। शुक्रवार की सुबह लगातार सातवें दिन चोरी का मामला सामने आया। शहर के मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी और लखनऊ के भूमि संरक्षण विभाग में तैनात लिपिक नरेंद्र कुमार दीक्षित के घर का ताला तोड़कर चोर 12 हजार नकद और बाइक समेत करीब डेढ़ लाख रुपये के गहने और चांदी के सिक्के चोरी कर ले गए। चोर जाते समय घर के अंदर वाले कमरे में रखा ताला डालकर चाबी अपने साथ ले गए, क्योंकि मौके से चाबी नहीं मिली है। उधर शहर कोतवाल रंजीत सिंह यादव ने पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उनसे कहा कि शनिवार को आएं, तब मामले को देखेंगे।
पीड़ित नरेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि वह मंगलवार की शाम को मकान पर ताला लगाकर घर के अन्य लोगों के साथ रिश्तेदारी में लखनऊ गए थे। शुक्रवार की सुबह घर लौटे तो मेन गेट पर अंदर रखा दूसरा ताला लगा देख चौंक गए। उन्होंने गुच्छे में मौजूद दूसरी चाबी से उसे खोला तो अंदर सारा सामान बिखरा देख चोरी होने का शक हुआ। बरामदे में खड़ी उनकी बाइक भी गायब थी। अन्य सामान देखा तो 12 हजार रुपये नकद, 16 चांदी के सिक्के, सोने की बालियां, नथुनी, तीन जोड़ी अंगूठी, गैस सिलेंडर समेत करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक का सामान चोरी गायब था। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मौका मुआयना किया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़ित ने बताया कि उसने रिपोर्ट की नकल मांगी तो शहर कोतवाल ने कहा कि वह शनिवार को आएं, तब मामले को देखेंगे। तभी रिपोर्ट दर्ज होगी।
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कोतवाल बोले, चोरी की जानकारी नहीं
पीड़ित को भले ही शहर कोतवाल रंजीत सिंह यादव ने शनिवार को बुलाया है, लेकिन अमर उजाला को फोन पर उन्होंने यही बताया कि शास्त्रीनगर में हुई चोरी की जानकारी उन्हें नहीं है। अब पता चला है तो वह मामले को दिखवाएंगे।
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हर रात दिख रहे बदमाश, सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न!
लखीमपुर खीरी। शहर की शिव कॉलोनी, गंगोत्रीनगर कॉलोनी, शास्त्रीनगर, काशीनगर, पटेलनगर, लक्ष्मीनगर, कनौजिया कॉलोनी, सरनापुरम और शांतिनगर में पिछले एक पखवाड़े से हर रात बदमाश देखे जा रहे हैं। लोग हल्ला मचाते हैं। थाने और चौकी में भी इसकी सूचना देते हैं, लेकिन इसके बाद भी बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं लग पा रहे हैं। बदमाशों के देखे जाने और चोरी तथा लूट की वारदात होने के बाद भी पुलिस बेबस नजर आ रही है। बदमाशों के न पकड़े जाने से पुलिस व्यवस्था सवालों में है। उधर अव्वल तो ज्यादातर मामलों में पुलिस चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है और अगर रिपोर्ट दर्ज भी हुई तो उन घटनाओं का खुलासा नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों में भय बना हुआ है। इधर देहात क्षेत्र में तो सुरक्षा व्यवस्था की इससे भी बुरा हाल है। नतीजतन जिले भर में चोरी और लूट की वारदातें बढ़ी हैं।
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24 जुलाई से दिख रही चोर-बदमाशों की सक्रियता
24/25 जुलाई : मोहल्ला नौरंगाबाद में पांच घरों से चोरी। इसी रात इसी मोहल्ले के सुनील कुमार सोनी की पत्नी और बच्चों को बंधक बनाकर लूटपाट की गई।
25/26 जुलाई : गंगोत्रीनगर में दिखे बदमाश। दो घरों में चोरी का प्रयास। शोर मचने पर बदमाश भागे। उधर, शाम को शांतिनगर निवासी शिशिर मिश्रा की बाइक बसंत सिनेमा के सामने से चोरी।
26/27 जुलाई : मोहल्ला काशीनगर के पीछे दिखे बदमाश, एक घर में घुसे, चोरी का प्रयास। शोर मचने पर भागे।
27/28 जुलाई : शहर के गंगोत्रीनगर के तीन घरों से हजारों का माल चोरी, रामापुर में ताले तोड़कर दुकान से 25 हजार रुपये उड़ाए।
28 जुलाई : सरेशाम नौरंगाबाद निवासी अंकित श्रीवास्तव समेत दो अन्य की बाइक चोरी।
29 जुलाई : सीतापुर रोड स्थित जलभवन के पास संजय वर्मा की कीटनाशक दुकान में घुसकर तीन बदमाशों ने गुल्लक से 50 हजार लूटे।
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बदमाशों की सक्रियता पर एसपी का नजरिया
पिछले सात दिनों से लगातार बदमाशों की सक्रियता पर एसपी अरविंद सेन से अमर उजाला ने कुछ सवाल किए। एसपी से बातचीत के अंश :
सवाल 1 : आखिर चोरियों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है?
जवाब : पुलिस को अलर्ट किया गया है। लगता है कोई बाहरी गिरोह सक्रिय है। जल्द बदमाश पकड़े जाएंगे।
सवाल 2 : इस माह हुई चोरियों को खुलासा हुआ?
जवाब : पिछले 15 दिनों में हुई चोरियों के खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस लगी है। अहम सुराग मिले हैं। जल्द खुलासा होगा।
सवाल 3 : क्या कोतवाली सदर में स्टाफ की कमी के कारण घटनाएं बढ़ीं?
जवाब : ऐसा नहीं है। अपराधों में कमी आई है। नए कोतवाल ने गश्त व्यवस्था भी बढ़ा दी है। जल्द ही बदमाश पकड़े जाएंगे।