शहर से सटे गांव छाउछ निवासी जितेंद्र वर्मा उर्फ जीतू हत्याकांड मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने जांच तेज करते हुए एक संदिग्ध को पूछताछ के लिए उठाया है। इसके अलावा पुलिस काल डिटेल को खंगाल रही हैै, जिसमें कुछ और सीडीआर मिलने का पुलिस इंतजार कर रही है।
बता दें कि एक जनवरी को घर से निकले जितेंद्र वर्मा उर्फ जीतू की कार लावारिस हाल में दूसरे दिन हरगांव से बरामद हुई थी। इसके 12 दिन बाद उसका शव सीतापुर के रामपुर कला थाना क्षेत्र में शारदा सहायक नहर से बरामद हुआ था। पेशे से धर्मकांटा चलाने वाला जीतू ब्याज पर लोगों को रुपये उधार देता था। इसको लेकर आशंका जताई जा रही हैै कि पैसे के लेन देन में उसकी हत्या किया जाना एक वजह हो सकती है। इसी तथ्य के आधार पर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है, लेकिन उसकी कार से बरामद आपत्तिजनक वस्तुओं से पुलिस के सामने कंफ्यूजन की स्थिति भी बनी हुई है। आपत्तिजनक वस्तुएं आशनाई की ओर इशारा कर रहीं हैं।
अभी तक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि आखिरी बार जीतू ने कुछ लोगों के साथ शहर में ही शराब भी पी थी। इसके बाद उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन शहर से सटे गांव देउवापुर में मिली है, जिसके बाद मोबाइल बंद हो गया। लिहाजा एक जनवरी को ही उसकी हत्या लखीमपुर के आसपास ही कर दी गई और शव को ठिकाने लगाने के लिए हत्यारे गाड़ी समेत हरगांव गए। जीतू के शव को नहर में फेकने के बाद हत्यारों ने गाड़ी चीनी मिल के पास शराब दुकान के सामने खड़ी कर दी। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जांच तेजी से चल रही है। कुछ सीडीआर आनी है, जिसके प्राप्त होते ही जल्द खुलासा हो सकता है।