आरओ ने कमियां पाए जाने पर निरस्त किए फार्म
विधानसभा चुनाव 2017 के लिए जिले की आठ सीटों पर 84 उम्मीदवारों ने नामांकन कराया था, जिसमें तीन विधानसभाओं में छह प्रत्याशियों के नामांकन विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए हैं। लिहाजा अब 78 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। सबसे ज्यादा लखीमपुर विधानसभा में चार, पलिया और श्रीनगर में एक-एक नामांकन निरस्त हुआ है।
बता दें कि पलिया विधानसभा में सबसे ज्यादा 16 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था, जिसमें निर्दलीय वेदप्रकाश का नामांकन निरस्त होने से अब 15 प्रत्याशी बचे हैं। श्रीनगर सीट पर कुल सात प्रत्याशियों ने नामांकन किया था, जिसमें मौजूदा विधायक एवं सपा की ओर से पर्चा दाखिल करने वाले रामसरन का पर्चा निरस्त किया गया है, क्योंकि इनके नामांकन के बाद सपा ने मीरा बानो को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। लिहाजा श्रीनगर सीट पर छह उम्मीदवार बचे हैं। लखीमपुर सीट पर 13 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था, जिसमें चार प्रत्याशी सर्व समभाव पार्टी के आशीष वाजपेयी, पीस पार्टी के मोहम्मद जावेद, स्वराज पार्टी ऑफ इंडिया के जनार्दन प्रसाद और पिछड़ा वर्ग महापंचायत पार्टी के मैकूलाल के नामांकन प्रपत्रों में कमियां पाए जाने पर रद्द कर दिया गया है। लिहाजा लखीमपुर सीट पर प्रत्याशियों की संख्या घटकर नौ रह गई है। जबकि मोहम्मदी में 12, निघासन में 10, धौरहरा में नौ, कस्ता में छह, गोला में 11 नामांकन हुए थे, जिसमें कोई निरस्त नहीं हुआ है। एडीएम उमेश नारायण पांडेय ने बताया कि निरस्त हुए नामांकन पत्रों में अलग-अलग तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं। मसलन प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं थे, तो किसी में वोटर आईडी स्पष्ट नहीं थीं। सूचनाओं के कालम खाली छोड़े गए थे।
अभी पलिया सीट पर सस्पेंस बरकरार
नामांकन प्रपत्रों की जांच में छह प्रत्याशियों की कम हुई है, जिसमें श्रीनगर से दो सपा उम्मीदवारों में एक का नामांकन निरस्त हो गया है। वहीं पलिया सीट को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि यह सीट कांग्रेस के खाते में जाने के बावजूद सपा की अनीता यादव ने अपना नामांकन सपा प्रत्याशी के तौर पर कराया था। नामांकन पत्रों की जांच में वह सही पाया गया है। पार्टी जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने नाम वापसी के दिन नामांकन वापस लिए जाने की बात कही है। लिहाजा अब एक फरवरी को नाम वापसी होने पर ही पलिया सीट से गठबंधन के दो उम्मीदवारों में एक की किस्मत का फैसला होना है।