मौके पर पहुंची पुलिस ने तौल लिपिक को लिया हिरासत में
नायब तहसीलदार ने दिए रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश
दो बार तहरीर, फिर भी पुलिस ने बताई कमियां, नाराज किसान लौटे
रानीगंज गन्ना क्रय केंद्र पर करीब तीन क्विंटल की घटतोली पकड़े जाने से नाराज किसानों ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान लिपिक के अभद्रता करने से नाराज किसानों ने तौल बंद कराते हुए पुलिस और एसडीएम को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने लिपिक को पुलिस के हवाले कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। मामले की सूचना किसानों ने गुलरिया चीनी मिल के जीएम को भी दी हैं। आरोप हैं कि किसानों ने दो बार तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उसमें कमी बताकर लौटा दिया, इससे किसान नाराज होकर थाने से वापस लौट आए।
गुलरिया चीनी मिल का गन्ना क्रय केंद्र रानीगंज में लगा हुआ हैं। गांव लुधौरी निवासी अनुज सिंह ने बताया कि उन्होंने खेत में गन्ना भरवाया। उसके बाद वह लुधौरी चौराहे पर स्थित प्रभात धर्मकांटा पर अपनी ट्रॉली तुलवाकर गन्ना क्रय केंद्र पहुंचे। गन्ना क्रय केंद्र पर करीब दो क्विंटल 90 किलो का अंतर आया। इससे नाराज किसानों ने तौल लिपिक रजनीश को धर्मकांटे की पर्ची दिखाई। आरोप है कि धर्मकांटे की पर्ची देखकर लिपिक नाराज हो गया और किसानों से अभद्रता करने लगा। इससे नाराज किसानों ने जमकर हंगामा काटा और तौल बंद कराते हुए पुलिस और एसडीएम रामप्रकाश को सूचना दी। रामप्रकाश के आदेश पर पहुंचे नायब तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह और दरोगा अजब सिंह, दिलीप प्रजापति ने किसानों को रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया, लेकिन किसान शांत नहीं हुए। आरोपी लिपिक को हिरासत में लेने के बाद ही किसान शांत हुए। किसान राजू सिंह, सुरजीत सिंह, हरदीप सिंह, अशोक कुमार, जमालुद्दीन आदि थाने पहुंचे। यहां पर अनुज सिंह ने तहरीर बनाकर इंस्पेक्टर को दी। आरोप हैं कि इंस्पेक्टर ने तहरीर में कमी बताते हुए दुबारा लिखवाने की बात कहीं। किसान तहरीर दुबारा लिखवाकर देर शाम जब थाने पहुंचा तो कोतवाल ने फिर कमी बता दी, जिससे तहरीर थाने में देकर बिना रिपोर्ट दर्ज कराए वापस लौट आएं। इसके पहले भी घटतौली के चलते एक लिपिक सस्पेंड हो चुका है।
मैंने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी लिपिक का चालान भेजने का आदेश पुलिस को दिया है। यदि पुलिस ने आदेश का उल्लंघन किया है तो कार्रवाई की जाएगी। - ज्ञान प्रकाश, नायब तहसीलदार
तहरीर में त्रुटि होने के कारण मैंने उसे दुबारा तहरीर लिखने को कहा था। किसान घर चले गए तो इसमें मैं क्या करूं। रिपोर्ट दर्ज करने के लिए मैंने नहीं मना किया हैं। - डीसी मिश्रा, इंस्पेक्टर
मेरे कांटे में कोई कमी नहीं थी। इसके बावजूद गन्ना कैसे कम हुआ नहीं जनता हूं। किसानों से कोई अभद्रता नहीं की है।
रजनीश, आरोपी लिपिक