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बस की टक्कर से युवक की मौत पर भड़के लोग

Mon, 31 Aug 2015 05:19 PM IST
पलियाकलां।
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सोमवार को सुबह नौ बजे पलिया-दुधवा मार्ग पर माता कालरात्रि मंदिर के पास गौरीफंटा से आ रही प्राइवेट यूनियन की बस ने साइकिल से दुकान जा रहे माहीगिरान निवासी अब्दुल अजीज के 19 वर्षीय पुत्र आसिफ को टक्कर मार दी। जिससे वह गिर पड़ा और बस उसे रौंदते हुए निकल गए। इससे युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जिस पर गुस्साए लोगों ने शव को वहीं रख कर जाम लगा दिया।
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इधर घटना की जानकारी पाते ही एसडीएम शादाब असलम, सीओ पलिया रामआसरे सिंह, एसओ केपी सिंह, एसएसआई केएन सिंह, चौकी इंचार्ज योगेंद्र प्रसाद, बंशीनगर चौकी इंचार्ज अशोक कुमार समेत तमाम पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। एसडीएम और सीओ ने लोगों को मनाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और देखते ही देखते उनके विरोध ने विकाराल रूप ले लिया।  विरोध कर रहे लोगों ने घटनास्थल के बाद अलग-अलग टुकड़ों में बंट कर सिंगहिया, दुधवा तिराहा, पटिहन मोड़, मछली मंडी मोड़ और उसके सामने से रंगरेजान जाने वाले मोहल्ले के रास्ते पर बैरीकेंडिंग कर जाम लगा दिया। दुधवा तिराहे और पटिहन मोड़ पर टायर जलाकर भी विरोध किया गया। विरोध प्रदर्शन में महिलाओं ने भी खासी भूमिका निभाई। इससे प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और कई थानों का पुलिस बल, पीएसी और सीओ निघासन भी वहां पहुंच गए। कई बार लोगों को मनाने की कोशिश की गई लेकिन वे नहीं माने, जिस पर अधिकारियों के पसीने छूट गए। करीब साढ़े चार घंटे बाद  दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस प्रशासन की की ओर से दी गई तात्कालिक सहायता राशि मिलने के बाद लोग माने और जाम खत्म कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया गया। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद चालक पुराने बस अड्डे पर बस को छोड़ कर फरार हो गया था जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। जाम खत्म होने के बाद अधिकारियों और राहगीरों ने राहत की सांस ली।
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ये थीं मांगें
-मामले में मुकदमा दर्ज किया जाए
-यूनियन का टाइम लिमिट जुर्माना खत्म किया जाए
-मृतक के परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
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ये मिला
-50 हजार में से 31 हजार नकद, 19 हजार बाद में
-25 हजार रुपये देने का ऐलान पलिया विधायक रोमी साहनी ने किया
-25 हजार रुपये देने का ऐलान किया निघासन विधायक कृष्ण गोपाल पटेल ने किया
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बस यूनियन की टाइम लिमिट लील चुकी है कई की जान
यहां की प्राइवेट यूनियन की टाइम लिमिट में बस न आने पर किया जाने वाला जुर्माना हादसों का एक बड़ा कारण बन रहा है। बस चालक इधर उधर गंवाए गए समय को यहां आने से पूर्व कवर करने के लिए तेजगति से बस को भगाते हैं जिससे हादसे हो जाते हैं।
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आसिफ की मौत ने तोड़ी परिवार की आर्थिक कमर
बेटे की मौत से पूरा कुनबा टूट सा गया है। मां आयशा, पिता अब्दुल अजीज, भाई राशिद, बहन समीरा और सबसे छोटे भाई अनस का बुरा हाल है। उसकी मौत ने जहां कुनबे में गम के बादल छा दिए हैं वहीं उनकी आर्थिक कमर भी टूट गई है। पिता ठेले पर अमरूद बेचकर परिवार का पालन करते थे लेकिन आसिफ ने उनकी कई जिम्मेदारियों को कम कर दिया था।
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