फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर मितौली के एक युवक से क्षेत्र के भदुरइहा के एक गिरोह ने नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत थाने में की है।
थाना मितौली के पिपरिया ग्रंट निवासी आफताब ने बताया कि वह मुस्लिम यूनीवर्सिटी अलीगढ़ में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। फेसबुक के इमरान से उसकी दोस्ती हो गई। उसने फेसबुक पर मौजूद आइएम ग्रुप में जुड़ने की सलाह दी। उसने ग्रुप की विशेषता बताई और कहा कि इसमें जुड़े लोगों को शतप्रतिशत नौकरी मिल जाती है। ग्रुप से जुड़ने के नाम पर उससे 3500 रुपये भी लिए। आरोप है कि उसने आफताब को रेलवे में फार्म भरने की सलाह दी। आफताब ने रेलवे का फार्म डाला। करीब दो महीने बाद रेलवे मंडल गोरखपुर के नाम से इंटरव्यू के लिए एक पत्र आया। आरोप है कि इमरान ने नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये भी लिए। जब वह इंटरव्यू देने के लिए उस पते पर पहुंचा तो वह फर्जी निकला।
इस बात का जिक्र जब उसने इमरान से किया तो उसने कहा कि वहां भर्ती प्रक्रिया रद् कर दी गई थी। वनविभाग में नौकरी दिला दी जाएगी। इसी तरह से वन विभाग में भी मामला फर्जी निकला। आरोप है कि जब वह पैसा लेने के लिए इमरान के घर पहुंचा तो उन लोगों ने उसकी पिटाई करते हुए भगा दिया।
महानगरों तक फैला रखा है नेटवर्क
यह क्षेत्र भले ही शिक्षा और विकास के मामले में अधिक पिछड़ा हो, लेकिन ठगी के मामले में महानगरों तक मशहूर है। मोरपंखी, नागमणि, कारामाती गिलास, जादुई चश्मा आदि के नाम से ठगी करने के मामले में निघासन क्षेत्र कस्बे से लेकर महानगरों तक कुख्यात है। अब नौकरी के नाम पर ठगी करने का गिरोह सक्रिय हो गया है। वाराणसी, लखनऊ, दिल्ली, कानपुर, मथुरा, गोरखपुर, कोलकता आदि महानगरों तक नौकरी दिलाने के नाम पर अपना नेटवर्क ठगों ने सक्रिय कर रखा है। फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को नौकरी के नाम पर ठगने का धंधा जोरों से फलफूल रहा है।
एसओ, निघासन अनिल शाही ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। मामले की छानबीन कर इमरान और उनके पूरे ग्रुप का भंडाफोड़ कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।