दबंगों के डर से घर छोड़ने के मामले का पुलिस ने लिया संज्ञान
गांव लोनियनपुरवा में दबंगों के डर से घर छोड़ने के मामले को लेकर चौकी में एक पंचायत हुई। इसमें पलायन कर गए परिवार वालों को बुलाया गया, लेकिन मामला निपट नहीं सका।
झंडी चौकी के गांव लोनियनपुरवा निवासी रामआसरे बृहस्पतिवार को दबंगों की धमकी से डरकर परिवार समेत गांव मुर्गहा निवासी सालिगराम के घर चला गया था। सालिगराम का आरोप है कि 30 नवंबर को उसकी पत्नी रामश्री की गांव के ही कुछ दबंगों ने पिटाई कर दी थी। उसके बाद दबंगों ने घर छोड़कर जाने की धमकी दी। रामआसरे ने झंडी पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे क्षुब्ध होकर वह गांव से पलायन कर गया।
अखबारों में इस आशय की खबर छपने के बाद इंस्पेक्टर डीसी मिश्रा और झंडी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने रामआसरे के छोटे भाई रामधीन और विपक्षी हरद्वारी को बुलाकर आपस में सुलह समझौता कराने का प्रयास किया। जिला स्तरीय एक नेता ने भी मामले को निपटाने की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। रामआसरे ने बताया कि कोतवाल का फोन आया था, उन्होंने कहा था कि हरद्वारी का चालान भेज दिया गया है, तुम आराम से अपने घर में रह सकते हो। रामआसरे का आरोप है कि हरद्वारी का चालान नहीं भेजा गया है वह गांव में ही घूम रहा है। उधर इंस्पेक्टर डीसी मिश्रा ने बताया कि हरद्वारी का मारपीट के तहत चालान भेजते हुए उसे दोबारा ऐसी हरकत न करने की हिदायत दी गई है। रामआसरे से गांव में रहने के लिए फोन से बात की है, लेकिन वह आने के लिए तैयार नहीं हुआ है।