मंगलवार को जिला कारागार में हुई थी मौत
परिवारवालों ने पुलिस पर लगाया था इलाज न कराने का आरोप
जिला कारागार में मंगलवार को मौत के बाद बंदी कमलेश के अंतिम संस्कार में हर किसी की आंखें नम थीं। उसके पैतृक गांव पतवारा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गौरतलब है कि मंगलवार को जिला कारागार में पलिया के ग्राम बड़ा पतवारा निवासी कमलेश की बीमारी के वजह से मौत हो गई थी। उसे चार जून को यहां से आबकारी एक्ट के एनबीडब्ल्यू के तहत जेल भेजा गया था। कमलेश की पत्नी के साथ ही उसके लड़कों ने पुलिस पर बीमार हालत में होनेे के बाद भी इलाज न कराने ओर मारपीट कर जेल भेजने का आरोप लगाया था। जिला मुख्यालय से पोस्टमार्टम के बाद शव देररात गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। कमलेश के घर के बाहर भारी भीड़ जमी रही। मृतक की पत्नी रोकर यही कह रही थी कि पुलिस की पिटाई से उसके पति की मौत हुई है। पास पड़ोसियों को समझाने के बाद मृतक के शव का गांव में ही स्थित नदी के पास अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कैसे भरेगी श्यामवती बच्चों का पेट
मृतक कमलेश की मौत के बाद उसकी पत्नी श्यामवती का रो-रोकर बुरा हाल है। उसको अपने बच्चों के पालन पोषणा की फिक्र खाए जा रही है। उसका सबसे बड़ा लड़का 16 वर्षीय करन अंडे का ठेला लगाकर काम करता है। छोटा लड़का 15 वर्षीय विशाल पलिया के बलदेव वैदिक इंटर कालेज में कक्षा नौ का छात्र है। सबसे छोटी लड़की 12 वर्षीय मोहिनी है। कमलेश जैसे तैसे परिवार को पेट पाल रहा था। जमीन के नाम पर भी परिवार के पास कुछ नहीं है।
एसडीएम ने बंधाया ढाढ़स, दी तत्कालिक सहायता
एसडीएम शादाब असलम ने मृतक के परिजनों को ढाढ़स बंधाया और तत्कालिक सहायता प्रदान की। इसके अलावा भी उन्होंने और मदद का आश्वासन दिया है। इधर एसओ अनिल कुमार शाही ने पुलिस की ओर से दस हजार रुपये की सहायता दी है। जबकि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि करून राना ने भी परिवालों को 25 सौ रुपये दिए हैं।