विकास खंड मितौली में मतगणना परिणाम से क्षुब्ध होकर दो नवंबर को एक जिला पंचायत प्रत्याशी के समर्थकों ने हंगामा करते हुए जाम लगाया था। इस मामले में 16 नामजद समेत 100 अज्ञात के खिलाफ मितौली थाने में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना नीमगांव एसओ कर रहे हैं। बुधवार की देररात पुलिस फोर्स के साथ छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान भेजा है। वहीं कस्बे में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स के साथ ढाई सेक्शन पीएसी को तैनात किया गया है।
दो नवंबर को मितौली में हुई जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत की मतगणना के दौरान जिला पंचायत मितौली द्वितीय की प्रत्याशी पुष्पा देवी पत्नी मनीराम के समर्थकों ने अपने प्रत्याशी की हार से आहत होकर जाम लगाकर वकीलों के तख्त जलाए थे। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। एसओ मितौली पीके सिंह ने 16 प्रदशर्नकारियों को नामजद कर 100 अज्ञात के विरुद्ध 147, 148, 188, 504, 506, 341, 336 एवं 7 क्रिमिनल ला एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने इस मामले की जांच एसओ नीमगांव बृजेंद्र सिंह को सौंपी है।
इसी क्रम में बुधवार की रात को एसडीएम शादाब असलम, सीओ मिथिलेश दीक्षित के नेतृत्व में एसओ नीमगांव बृजेंद्र सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ मितौली कस्बे में नामजद आरोपियों के घर पर दबिश दी, जिसमें मितौली के पूर्व प्रधान फेरूलाल, इंदुआ उर्फ रहीस और नजीर को गिरफ्तार किया।
जबकि अज्ञात में नबी मोहम्मद को चिह्नित कर गिरफ्तार किया। एसओ बृजेंद्र सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को चालान भेजा गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अन्य अज्ञात आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। नामजद के साथ ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
आगामी प्रधानी के चुनाव को लेकर पुलिस-प्रशासन हुआ सतर्क
कस्बे में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान भी विवाद की स्थिति हुई थी। फिर मतगणना में हुए बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। कस्बे में आगामी प्रधानी चुनाव को लेकर शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सतर्कता के साथ अराजक तत्वों पर नकेल कसना शुरू कर दी है। इसी के मद्देनजर कस्बे में गुरुवार को पुलिस और पीएसी ने रूट मार्च किया।