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निघासन में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक और मौत 

Sat, 13 Aug 2016 10:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन।  
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निघासन में नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला, पांच में माह जा चुकी हैं सात जाने 
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गांव मंझिलीपुरवा में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक व्यक्ति की मौत हो गई। परिवार वालों ने शिकायत  पुलिस से की है। क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से पांच महीने में सात मौत हो चुकी हैं। बिना रजिस्ट्रेशन ढखेरवा में चल रहे एक अस्पताल में दो माह पहले प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। इस मामले में शिकायत के बाद भी सीएमओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है। 
गांव मंझिलीपुरवा निवासी हरफूल ने बताया कि  उनका 36 वर्षीय पुत्र कमलेश यादव कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। मेडिकल से दवा ली, लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार शाम उन्होंने गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर से संपर्क किया। जिस पर झोलाछाप डॉक्टर  दवा देने के लिए उसके घर पर आया। आरोप है कि तेज बुखार होने के बाद भी  डॉक्टर ने कमलेश को ग्लूकोस की बोतल चढ़ा दी। रात में उसकी तबियत बिगड़ गई और शनिवार की सुबह  कमलेश की मौत हो गई। परिवार वालों ने इसकी शिकायत पुलिस से कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एसओ  मनोज सिंह ने घटना की जानकारी से इंकार किया है। क्षेत्र के गांव रानीगंज, लुधौरी, जौखीपुरवा, मूडा, बम्हनपुर, रकेहटी, झंडी में पांच माह में अब तक सात लोगों की जान झोलाछाप डॉक्टर ले चुके हैं। 
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झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मौत का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि शिकायत हुई तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। तेज बुखार में ग्लूकोज नहीं चढ़ाना चाहिए था। 
-लालजी पासी, सीएचसी प्रभारी निघासन 
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