- एसओ ने बताया, प्रधान ने दी थी जानकारी
- महज हादसा हुआ इसलिए करा दिया अंतिम संस्कार
थाना फरधान क्षेत्र के गांव सिसावां कला में झोपड़ी में संदिग्ध हालात में आग लगने से वृद्धा जिंदा जलकर मर गई। परिवार वालों के अनुसार, वृद्धा लकवाग्रस्त थीं, जिससे चल नहीं पाती थीं।
सिसावां कलां निवासी 60 वर्षीय रामरती गांव के पश्चिमी खलिहान की जमीन पर झोपड़ी बनाकर 20 वर्षों से रह रही थी। बुधवार की शाम झोपड़ी में अचानक आग लग गई। खेतों से लौट रहे लोगों ने झोपड़ी जलती देख शोर मचाया। जब तक गांव वाले दौड़े तब तक वृद्धा और उसका सारा सामान जलकर राख हो गया था। वृद्धा के पुत्र संजय, अशोक, प्रमोद, नन्हे गांव में ही रहते हैं। नन्हे ने बताया कि उसकी मां बीड़ी पीती थी। तीन माह पहले उन्हें लकवा मार गया। तब से वह कमजोर हो गई थीं और चलने में भी असमर्थ थी। उनके पुत्रों का अनुमान है कि बीड़ी से झोपड़ी में आग लग गई होगी। उधर, इस बाबत एसओ फरधान तपेश्वर सागर का कहना है कि कि गांव के प्रधान ने उन्हें घटना की जानकारी दी थी। चूंकि यह महज हादसा है, इसलिए अंतिम संस्कार करा दिया गया है।