घटना के करीब दो घंटे बाद हरकत में आई पुलिस
घटनास्थल से 100 मीटर के दायरे हैं कोतवाली और चौकी
शहर में दिनदहाड़े गोली मारकर घायल करने के बाद मुनीम से आठ लाख रुपये लूटने के मामले में खीरी पुलिस की सक्रियता की हकीकत सामने आ गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना मिल गई थी। यदि पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती और नाकेबंदी कर वाहन चेकिंग अभियान शुरू करा देती तो शायद बदमाश फरार नहीं हो पाते।
बाथम वैश्य धर्मशाला के पीछे वाली गली में खासी भीड़ रहती है। जिस स्थान पर बदमाशों ने बीच दोपहर घटना को अंजाम दिया, उससे करीब सौ मीटर के दायरे में सदर कोतवाली, सीओ दफ्तर और संकटा देवी पुलिस चौकी है। इसके अलावा हीरालाल धर्मशाला पर पुलिस पिकेट और ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है। रेलवे स्टेशन के पास भी पुलिस पिकेट है। यानी चारों तरफ से यह इलाका पुलिस की सुरक्षा घेरे में रहता है। बदमाशों के घटना को अंजाम देते ही पुलिस को सूचना मिल गई थी। सदर कोतवाल मय फोर्स पांच मिनट में ही घटनास्थल पर पहुंच गए लेकिन पुलिस ने पिकेट और मोबाइल टीम को सक्रिय नहीं किया। सूचना मिलते ही मोबाइल टीम और पुलिस घेराबंदी कर चेकिंग करती तो बदमाश भागने में सफल नहीं हो पाते। पुलिस घटना के दो घंटे बाद सक्रिय हुई। इससे पुलिसिंग की असलियत खुलकर सामने आ गई।
ये अनसुलझी घटनाएं भी चिढ़ा रहीं मुंह
01 मई: थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में पुलिस की वर्दी में शहर के मोहल्ला जोड़ी बंगला निवासी आशीष गुप्ता से 78 हजार रुपये की लूट
04 मई: गोला में किसान सेवा सहकारी समिति के आंकिक दीनदयाल वर्मा से 91 हजार रुपये की लूट
10 मई: थाना और कसबा निघासन में शोभारानी स्कूल के पास एक घर से हजारों की लूटपाट
11 मई: थाना पसगवां के कसबा बरवर स्थित पेट्रोल पंप से 1.12 लाख की लूट
14 मई: सदर कोतवाली के सैधरी के पास चार और थाना हैदराबाद के दो घरों में लूटपाट
15 मई: उचैलिया में बारदाना व्यापारी के साथ लूटपाट।
रिवाल्वर बरामद न होने से सवालों के घेरे में आया खुलासा
16 मई को मोहम्मदी क्षेत्र में पत्रकार हरिश्चंद्र के साथ लूटपाट करने के बाद बदमाशों ने उनके चचेरे चाचा गंगा सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाश पत्रकार का रिवाल्वर भी लूट ले गए थे। पुलिस ने चार दिन बाद घटना का खुलासा कर तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा था कि फरार चौथे मुख्य आरोपी वीरू के पास लूटा गया रिवाल्वर है। बाद में पुलिस ने गुपचुप तरीके से वीरू को गिरफ्तार कर लिया और उसका चालान कर दिया। वीरू के पास से लूटा गया रिवाल्वर भी पुलिस बरामद नहीं कर सकी। जिससे यह खुलासा सवालों के घेरे में आ गया है।