- कहासुनी में ग्रामीण को पीट-पीटकर मारने का मामला
मामूली बात पर हुई कहासुनी के बीच ग्रामीण को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने हत्यारोपी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही हत्यारोपी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम जमुनहा निवासी नीरज वर्मा की भैंस तीन अगस्त 2008 की शाम उसके घर से खूंटा तोड़कर भागी थी, भैंस गांव के ही सुरेश चंद्र के घर के सामने गड़े खूंटे पर सिर रगड़ने लगी, सुरेश चंद्र को लगा कि भैंस उसके जानवरों का चारा खाए जा रही है। इसी बात को लेकर सुरेश के लड़के सोनू और विमलेश ने नीरज के घर पहुंचकर गाली गलौज शुरू कर दिया। नीरज के पिता रामचंद्र वर्मा ने गाली गलौज का विरोध किया तो सोनू विमलेश और रामलोटन ने लाठी-डंड़ा और क्रिकेट बैट से पीट-पीटकर रामचंद्र वर्मा को मरणासन्न कर दिया। गंभीर हालत में रामचंद्र को उसके घर वाले सीएचसी ले गए वहां हालत खराब देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान रामचंद्र की मौत हो गई। अदालती सुनवाई के दौरान ही सोनू और विमलेश की ओर से कम उम्र को लेकर अर्जी दाखिल किया तो उन्हें सुनवाई के बाद अपचारी किशोर घोषित करते हुए उनकी फाइल अलग कर दी गई। वहीं रामलोटन के खिलाफ शकील, अशर्फी लाल, डा.एसपी वर्मा, एचएम सुरेंद्र प्रताप, विवेचक मुन्नाबाबू निरंजन ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया। अदालत ने सुनवाई के बाद रामलोटन को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में यह भी व्यवस्था दी है कि अगर जुर्माना नहीं अदा किया जाता है तो छह महीने की कैद और भुगतनी होगी।