वाहन चेकिंग के दौरान सपाइयों से अभद्रता करने वाले एसओ और दरोगा के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं ने खीझ मिटाने को गोलबंदी शुरू कर दी है। कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय में बैठक कर जमकर हंगामा काटते हुए एसओ और दरोगा को हटाने की मांग की। विधायक केजी पटेल ने कार्यकर्ताओं को शांत कराते हुए एसडीएम लव कुमार को बुलाया। विधायक और एसडीएम ने कार्यकर्ताओं को शांत कराते हुए सोमवार तक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्रवाई न होने पर सपा कार्यकर्ता मंगलवार को चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करेंगे।
वाहन चेकिंग के दौरान अभद्रता करने वाले वाले एसओ अमर सिंह और दरोगा अवधेश यादव के खिलाफ सभी कार्यकर्ता सपा कार्यालय पर एकत्र हुए। समाजवादी युवजन सभा के पूर्व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता ने पुलिस द्वारा की गई बदसलूकी को तानाशाही पूर्ण रवैया करार दिया। बेलरायां चीनी मिल उपाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य अमन दीप सिंह, जिला पंचायत सदस्य माजिद, ब्लाक प्रमुख प्रेमपति, प्रधान चखरा इस्लामुद्दीन, प्रधान तरजिंदर सिंह, आरिफ खान आदि ने पुलिस पर आरोप लगाया कि एसओ के कार्यभार ग्रहण करते ही कस्बे से दो बाइक और एक व्यापारी की दुकान का ताला तोड़कर चोरी हो चुकी है। पुलिस बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को रोकने के बजाए आम आदमी को परेशान कर रही है। यदि कोई कार्यकर्ता किसी की सिफारिश करता है तो एसओ उसके विपरीत काम करते हैं।
बैठक चल ही रही थी कि अचानक कार्यकर्ता नाराज हो गए और हंगामा करने लगे। एसडीएम और विधायक ने किसी तरह से मौजूद लोगों को शांत कराते हुए सोमवार तक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जब जाकर कार्यकर्ता शांत हुए।
सपा कार्यकर्ताओं ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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ये था मामला
शनिवार की शाम करीब आठ बजे दरोगा अवधेश यादव वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच छोटानी पुरवा निवासी पूर्व बीडीसी बहादुर यादव अपनी बाइक लेकर चौराहे से निकले। कागज न मिलने पर दरोगा ने उनकी बाइक सीज कर दी। वह गाडी छुड़ाने के लिए विधायक प्रतिनिधि राकेश बाथम के पास पहुंचे। आरोप है कि वहां पर मौजूद दरोगा ने अभद्रता शुरू कर दी, जिससे नाराज सपाइयों ने चालान चिट फाड़ दी। इस दौरान एसओ मौके पर पहुंच गए और सपाइयों से अभद्रता करने लगे।
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इसके पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
प्रदर्शन और नोकझोंक का यह पहला मामला नहीं है। इसके एक साल इंस्पेक्टर विजय प्रताप सिंह के खिलाफ सपाइयों ने मोर्चा खोलकर प्रदर्शन किया था। तत्कालीन इंस्पेक्टर ने माफी मांगकर कार्यकर्ताओं को शांत कराया था। उसके बाद तत्कालीन एसओ अनिल शाही के खिलाफ भी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा निकालकर स्थानीय चौराहे को जाम किया था। उसके बाद एसपी ने एसओ का तबादला कर दिया था। अब एक बार फिर सपाई अमर सिंह के खिलाफ लामबंद हुए हैं।