धान चोरी के मामले में युवक चौकी ले गई थी पुलिस, प्रधानपति छुड़ा लाए थे
कोतवाली में घुसकर तोड़फोड़, पथराव
एसपी मौके पर पहुंचे तो लोग हुए शांत
पुलिस ने पिटाई के आरोपों को नकारा
चोरी से धान काटने की शिकायत पर थाने लाए गए व्यक्ति की निर्ममता पूर्वक पिटाई के आरोप में ग्रामीणों ने चंदनचौकी कोतवाली पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने कोतवाली में तोड़फोड़ की और पथराव कर दिया। भीड़ का गुस्सा देखकर कोतवाली पर मौजूद एक होमगार्ड ने मौके से भागकर जान बचाई। सूचना पर कई थानों की फोर्स, एसएसबी जवान मौके पर पहुंच गए। एसपी अखिलेश चौरसिया भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
रामगढ़ निवासी अजीज के बिचपटा स्थित खेत से कुछ बच्चों ने तीन दिन पहले घास के साथ धान की पौध काट ली थी। अजीज ने बच्चों के पिता शकील खां पुत्र छोटे खां, नूर मोहम्मद पुत्र फकीरा और छोटे भइया के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी। बृहस्पतिवार को पुलिस 35 वर्षीय शकील खां को कोतवाली लाई। बताते हैं इसी दौरान पीछे से चंदनचौकी प्रधान प्रतिनिधि कोतवाली आए और आरोपी को वापस ले गए। करीब एक घंटे बाद शकील बेहोश होकर गिर गया। इसके बाद घरवाले ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंचे और पुलिस पर शकील को निर्ममता से पीटने का आरोप लगाया। भीड़ ने कोतवाली में हंगामा शुरू कर दिया और तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी, फिर पथराव करने लगे। भीड़ ने कोतवाली प्रभारी कार्यालय, आवास को निशाना बनाकर खिड़कियां, दरवाजे, कुर्सी, मेज आदि तमाम सामान तोड़ डाला। भीड़ काफी गुस्से में थी। इसी दौरान एसएसबी की टुकड़ी और प्रभारी कोतवाल मो. तौफीक आ पहुंचे। पुलिस के उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई तो आननफानन में भीरा, संपूर्णानगर, पलिया, गौरीफंटा की पुलिस और सीओ गोला अनुराग कुमार भी वहां पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाने लगे लेकिन कोई नहीं माना। तब तक एसपी अखिलेश चौरसिया भी आ पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी, तब लोग शांत हुए। गौरीफंटा कोतवाल कृष्ण मुरारी शर्मा कथित घायल शकील को पलिया सीएचसी लाए। यहां घायल ने अजीबोगरीब हरकतें कीं, जिससे लोग परेशान रहे और अफरातफरी रही। पुलिस का कहना है कि शकील से किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। वह किसी अन्य मर्ज से ग्रस्त है।
लोगों में रही अफरातफरी
कोतवाली में पथराव और हंगामे के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। राहगीर और आसपास के लोग भी वहां से हट लिये। भीड़ काफी गुस्से में थी। लोगों का कहना था कि कोतवाली में फोर्स होता तो हंगामा करने की भीड़ की हिम्मत नहीं पड़ती और मामला शांत हो जाता। घटना से बाजार में सनसनी रही।
कार्रवाई कर सकती है पुलिस
तोड़फोड़ और पथराव के मामले में पुलिस ग्रामीणों पर कार्रवाई कर सकती है। इस आशंका से भीड़ में शामिल लोग सहमे हुए भी हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है लेकिन जांच हो रही है। माना जा रहा है कि जांच के बाद कार्रवाई तय है।
गहलुईया मजार पर जाता था शकील
बताया जा रहा है कि शकील को उसके घरवाले अक्सर पूरनपुर स्थित गहलुईया मजार पर ले जाते हैं। लोगों के मुताबिक यहां ऊपरी चक्करों के लिए मरीजों को ले जाया जाता है। शकील अस्पताल में जो हरकतें कर रहा था उससे उसके किसी मानसिक रोग से ग्रस्त होने की संभवना जताई जा रही है। फार्मासिस्ट एके पांडे ने बताया कि उसके शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई चोट नहीं हैं वह मानसिक रूप से बीमार लग रहा है।
तहरीर पर उसे लाया गया था और तुरंत जिम्मेदार लोग उसे आकर ले गए। शकील के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई। वह करीब एक घंटे बाद बेहोश होना बताया गया है। ऐसा संभवतया किसी बीमारी की वजह से हुआ।
- मो.तौफीक कोतवाली, प्रभारी चंदनचौकी
ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कर दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
- अखिलेश चौरसिया, एसपी, खीरी