नववर्ष की शुरुआत गुडवर्क से करने वाली अधिकतर थानों की पुलिस इस बार सिर्फ दारू की बरामदगी और मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) में चालान कर अपनी पीठ थपथपा सकी, जबकि कुछ एसओ ने कहा कि वे फर्जी गुडवर्क नहीं दर्शाएंगे।
मालूम हो कि बीते साल में डकैती, चोरी और लूट की घटनाओं के खुलासे में कोतवाली सदर पुलिस फिसड्डी साबित हुई, वहीं नीमगांव पुलिस के खुलासों पर भी सवाल उठते रहे। 30 जुलाई 2014 को जिला जेल से फरार हुए अजय उर्फ दद्दा तिवारी और रवींद्र लोध की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई। इसके अलावा सिपाही विक्रम की हत्या कर कचहरी परिसर से फरार हुए बंदी डालू और बग्गा का पुलिस आज तक पता नहीं लगा पाई। इसी तरह जिले के अधिकतर थानों के अंतर्गत हुए संगीन अपराधों का आज तक खुलासा नहीं हो सका। इधर जब नए साल पर जीडी की शुरुआत गुडवर्क के ‘टोटके’ से होनी थी तो रात भर हाथ पांव मारने के बाद पुलिस सिर्फ कच्ची शराब की बरामद कर सकी। इतना ही नहीं जिस थाना पुलिस के हत्थे यह भी नहीं लगा तो उसने तीन सवारियों को खोजकर मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालान कर गुडवर्क कर लिया।
कुल मिलाकर जहां हाईटेक पुलिसिंग की बात की जा रही है, वहीं आज भी गुजरे जमाने का टोटका यानि नववर्ष पर जीडी की शुरुआत गुडवर्क से करने की औपचारिकता में जिले की थाना पुलिस ने रातभर कड़ी मशक्कत की, किंतु उसके हत्थे कुछ भी नहीं लगा।
किस थाने ने क्या किया गुडवर्क
मोहम्मदी, पसगवां, उचौलिया, मितौली, नीमगांव, सिंगाही, पलियाकलां, गौरीफंटा आदि थाना पुलिस ने कच्ची शराब पकड़ने का दावा करते हुए अपनी पीठ थपथपाई तो कोतवाली, धौरहरा और थाना हैदराबाद पुलिस ने मोटर वाहन एक्ट में चालान कर गुडवर्क दर्ज कर दिया।
गुडवर्क में अव्वल रही फूलबेहड़ पुलिस
प्रभारी निरीक्षक फूलबेहड़ कुंवर प्रभात सिंह ने इलाके के गांव अंजनापुर निवासी जिला बदर अपराधी सुंदर को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि यह गुंडा एक्ट में जिला बदर किया गया था, लेकिन जिले में ही घूम रहा था।