2015 का मामला, अवैध संबंधों में बाधक बनी पत्नी को गोली से उड़ाया था
अवैध संबंधों में अड़चन बन रही पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अपर जिला जज लालता प्रसाद की अदालत ने हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कफील अहमद अंसारी ने बताया कि सीतापुर के कमलापु थाना क्षेत्र के पतारापुर गांव निवासी बृजेश मिश्र ने बहन सुनीता की शादी फरधान थाना क्षेत्र के गंाव कसमरिया निवासी गोपाल शुक्ला के साथ जून 2007 में की थी। शादी के कुछ वर्षों तक सब कुछ ठीक रहा लेकिन बाद में नाजायज संबंधों के चलते पति गोपाल शुक्ला की हरकतें बिगड़ने लगी। कई बार ससुराल वालों ने भी दामाद को समझाया लेकिन उसने नाजायज संबंध खत्म नहीं किए। पत्नी आए दिन अवैध संबंधों में बाधक बनती थी।
इसी बीच पांच/ छह जून 2015 की रात पति गोपाल शुक्ला ने सुनीता को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। गोली मारने के बाद गोपाल शुक्ला फरार हो गया, सुबह उसके छोटे साढ़ू नीरज ने ब्रजेश को खबर दी। जब ब्रजेश बहन की ससुराल कसमरिया पहुंचा तो वहां केवल गोपाल की माता ही मिलीं बाकी अन्य परिवारवाले गायब थे। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान गोपाल शुक्ल को गिरफ्तार कर लिया, तब उसके पास से तमंचा भी बरामद हो गया। सुनवाई के दौरान ब्रजेश मिश्र, सुमन मिश्र, डॉ. केपी सिंह, डॉ. वीके वर्मा, सुंदरलाल वर्मा, एसओ शिवानंद प्रसाद यादव, एसआई श्याम सिंह और भभूती सिंह ने अभियोजन पक्ष का समर्थन किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने पत्नी की हत्या के जुर्म में गोपाल शुक्ला को दोषी पाते हुए अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अवैध तमंचा रखने पर पांच हजार का जुर्माना अलग से लगाया गया है।