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तीन सगे भाइयों समेत नौ हत्यारों को उम्रकैद      

Sun, 23 Jul 2017 12:00 AM IST
लखीमपुर खीरी।
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वन विभाग की जमीन की कब्जेदारी को लेकर चल रही रंजिश के चलते ग्रामीण की निर्मम हत्या करने के मामले में न्यायालय अपर जिला जज लालता प्रसाद ने तीन सगे भाइयों सहित नौ हत्याभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी हत्याभियुक्तों पर 34-34 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।       
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक सिंगाही थाना क्षेत्र के ग्राम उधौनगर में रामलखन व कैलाश के परिवार में वन विभाग की जमीन की कब्जेदारी को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते 11 नवंबर 2013 की शाम छह बजे कैलाश पक्ष के नौ लोगों ने रामलखन की हत्या कर दी थी। इस बाबत उसकी पत्नी सादिका देवी ने रिपोर्ट लिखाते हुए बताया था कि गांव के ही बेनी प्रसाद के पुत्र श्रीकृष्ण, कैलाश के पुत्रगण क्रमश: लालबहादुर, वीरेंद्र और उमेश, अनिल व छोटेलाल पुत्रगण श्याम बिहारी, बेचन पुत्र श्रीकृष्ण, लल्लू मौर्य व राजेंद्र मौर्य पुत्रगण रमाशंकर धारदार हथियारों से लैस होकर उसके घर में जबरन घुस गए। उन्होंने उसके पति रामलखन और घरवालों के साथ मारपीट की। बाद में रामलखन को घर से खींचकर विनोद के खेत में ले गए और वहां पर गर्दन काटकर रामलखन की हत्या कर दी थी। बीच-बचाव करने में रामलखन की माता मुराती देवी को भी चोटें आईं थीं। इस मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों के साथ ही मुराती देवी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने भी गर्दन काटकर हत्या किए जाने का साक्ष्य दिया था। जिस पर अपर जिला जज लालता प्रसाद ने सभी नामजद हत्याभियुक्तों को दोषसिद्ध पाया। अदालत ने इस जुर्म के लिए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 34-34 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।       

मिलेगी सहायता      
अदालत ने अपने फैसले में एक ओर सभी नौ हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई और कठोर जुर्माना लगाया है, तो वहीं दूसरी ओर मृतक रामलखन के परिवारीजनों के प्रति मानवीयता प्रकट करते हुए वसूल की गई जुर्माना राशि में से तीन चौथाई रकम  बतौर मुआवजा मृतक के उत्तराधिकारियों को प्रदान करने का भी आदेश दिया है।       
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