सन’2014 में कर दी थी वकील जगपाल की हत्या
संपत्ति विवाद के चलते वकील जगपाल सिंह की हत्या करने के मामले में एडीजे बाबूराम ने हत्यारोपी पिता-पुत्र सहित पांच लोगों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि फूलबेहड़ कस्बा निवासी जगपाल सिंह सिविल कोर्ट में वकालत करते थे। उनके प्लाट का विवाद गांव के ही उनके प्रतिद्वंद्वियों से चला आ रहा था। आरोप है कि 28 अगस्त 2014 की रात जब जगपाल अपने लड़के अभिनव उर्फ गोलू को लखनऊ से दवा दिलाने के बाद वापस अपने घर आ रहे थे, तभी रास्ते में उनकी दूसरे पक्ष से मोबाइल पर गाली-गलौज हुआ। जैसे ही पिता-पुत्र फूलबेहड़ पहुंचने के लिए सैदापुर चौराहे पर पहुंचे तभी गांव के ही सरवन सिंह, उसका पुत्र आशीष, भाई शिवराज सिंह, अनिरुद्ध सिंह तथा गांव के ही राजेश लाठी-डंडे, बंदूक और नाजायज असलहा लेकर कर आ गए और उन पर हमला कर दिया। जिससे दोनों लहूलुहान हो गए। इसी दौरान इन लोगों ने जगपाल को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इसी बीच मोटर साइकिल लेकर जगपाल के भाई आनंदपाल सिंह मौके पर पहुंचे तो मुल्जिमान भागने लगे। मोटर साइकिल की रोशनी में हमलावरों को पहचानने की बात कहते हुए उन्होंने पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अदालत में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता संजय सिंह ने आनंदपाल सिंह, उमेश उर्फ भिम्मा, अभिनव उर्फ गोलू, योगेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, कुंवर प्रभात सिंह, डॉ.चंद्रशेखर सिंह की गवाही पेश कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद पांचों हत्याभियुक्तों को दोषसिद्ध पाया और शनिवार को उम्रकैद की सजा सुना दी। कोर्ट ने पांचों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए यह व्यवस्था दी है कि वसूले गए जुर्माने में से आधी रकम मृतक के परिवार वालों को बतौर मुआवजा दी जाएगी।