दोषियों में तीन सगे भाई
एडीजे कोर्ट ने हत्या और हत्या के प्रयास आदि धाराओं में चार आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, दोषियों में तीन सगे भाई हैं। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चारों को अपनी गिरफ्त में लेकर जेल भेज दिया है।
शासकीय अधिवक्ता निर्मल कुमार चौधरी के अनुसार कोतवाली मोहम्मदी क्षेत्र के गांव मझिगवां में 2 फरवरी 2010 को 3.30 दिन में चुनावी रंजिश के चलते वादी देवकृष्ण के घर के सामने वादी की भाभी माधुरी देवी को लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना में वादी बाल बाल बच गया था। पुलिस ने देवकृष्ण की तहरीर पर ने 2 फरवरी को ही गांव के तोताराम, रज्जन वर्मा उर्फ राजकुमार, मुनेंद्र कुमार उर्फ मुनेश (तीनों सगे भाई) और शिवराम के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, गाली गलौज तथा जान से मारने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
सात वर्षों तक चले इस मुकदमे में वादी मुकदमा देवकृष्ण, चश्मदीद गवाह गयाप्रसाद, सुरेश चंद्र, आरक्षी शिवबहादुर और डॉ. सुभांशू कुमार आदि की गवाही हुई। मामले की विवेचना एसआई शुभ सुचित राम, राजेश नरायन और रामजीत भारती ने की थी। एडीजे संजय खरे ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी दोषियों पर 5-5 हजार जुर्माना भी लगाया। मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी पांडे पीलीभीत और अवधेश दुबे लखीमपुर ने पैरवी की थी। बहरहाल सात वर्षों बाद वादी पक्ष को न्याय मिल सका जिससे वह संतुष्ट है।