सगे भाई की कर दी थी हत्या
गाली देने से मना करने पर सगे भाई की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में विशेष एडीजे रामायण शर्मा ने हत्यारोपी भाई और उसके साले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही अदालत ने दोनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी वीरेश सिंह तोमर ने बताया कि खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम रुद्रपुर खुर्द निवासी जगरूप को मामूली बात को लेकर उसका सगा छोटा भाई पाले अपने सहयोगी छोटकन्ने के साथ मिलकर 22 मार्च 2011 को मारा-पीटा था, पुलिस ने मामले की एनसीआर दर्ज करने के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद पाले और छोटकन्ने ने चार जुलाई 2011 को जगरूप की फिर बुरी तरह पिटाई की, इसकी एनसीआर जब जगरूप ने दर्ज कराई तो पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में पाले का चालान कर दिया था। आरोप है कि जमानत से छूटने के बाद पांच जुलाई को पाले और छोटकन्न ने जगरूप की ठुकाई कर दी थी। इसी दौरान दस अगस्त 2011 की रात साढ़े आठ बजे जब जगरूप अपनी पत्नी फूलकटोरी और पुत्री गेलमती के साथ घर के बाहर बैठा था तभी उसका छोटा भाई पाले ने नीमगांव थाना क्षेत्र के भूलनपुर निवासी अपने साले रग्घू के साथ धावा बोल दिया। दोनों लोग गालियां देने लगे। जब जगरूप ने गालियां देने से मना किया तो रग्घू ने जगरूप को पकड़ लिया तथा पाले ने ताबड़तोड़ चाकुओं से प्रहार कर जगरूप को मौत के घाट उतार दिया। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता वीरेश सिंह तोमर ने संतोष, फूलकटोरी, बलवीर, डॉ. सुरेश सिंह कांस्टेबल राजेश यादव, इंस्पेक्टर शिवाजी सिंह तथा गेलमती की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद पाले और उसके साले रग्घू को दोषसिद्ध पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, साथ ही दोनो पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना डाला है। साथ ही अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वसूल किए गए जुर्माना में से 15 हजार रुपये की रकम बतौर मुआवजा मृतक जगरूप के परिवारीजनों को दी जाएगी।