सेना के अस्पताल में हो रहा है इलाज
उचौलिया के निवासी हैं श्यामलाल सेना में हैं हवलदार
रविवार तङ़के कश्मीर में सेना मुुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में घायल जवानों में उचौलिया निवासी बिहार रेजीमेंट में हवलदार श्यामलाल भी शामिल हैं। सोमवार सुबह श्यामलाल की पत्नी के पास आए फोन से परिजनों को हमले में श्यामलाल के घायल होने की जानकारी मिली। श्यामलाल के घायल होने की खबर से परिवार वाले चिंतित हैं, मगर उन्हें गर्व है कि उनके घर का सपूत देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात है।
27 वर्षीय श्यामलाल उचौलिया निवासी जवाहर लाल के सबसे छोटे बेटे हैं। पिता जवाहर लाल के अनुसार जब हमला हुआ, उस समय श्यामलाल अन्य सैनिक साथियों के साथ टेंट में सो रहे थे। तभी आतंकियों ने हमला कर दिया। बेटे ने बताया कि वह कुछ भी नहीं जान पाया। जब होश में आया तो अस्पताल में था। अभी खतरे से बाहर है।
श्यामलाल की पत्नी शशि इस समय अपने मायके शाहजहांपुर के चिनौर में है। पांच सितंबर को शशि ने बेेटे को जन्म दिया था। उसके नामकरण संस्कार में शामिल होने के लिए श्यामलाल की मां रामवती भी शशि के मायके गईं थीं। शशि के फोन पर बात कर श्यामलाल ने मां को अपने सुरक्षित होने की खबर दी। आतंकी हमले में घायल श्यामलाल के पिता जवाहर लाल को बेटे के सकुशल होने की खबर पाकर तसल्ली हुई। हमले में शहीद फौजियों को श्रद्धांजलि देते वह कहते हैं कि पाकिस्तान को अब सबक सिखाने का वक्त आ गया है। भाई अनेगपाल ने कहा कि उन्हे गर्व है कि उनका भाई सीमा पर देश की रक्षा में तैनात है। श्यामलाल के पिता खेती करके और तांगा चलाकर जीवन यापन करते हैं। दो बङे भाई रमाकांत और अनेगपाल प्राईवेट नौकरी करते हैं। श्यामलाल सेना में वर्ष 2008 में भर्ती हुये थे। एक साल पहले उनकी शादी हुई है। कश्मीर में हुए आतंकी हमले को लेकर यहां ग्रामीणों में भी गुस्सा है। ग्रामीण इस बार पाकिस्तान को अच्छी तरह सबक सिखाने की मांग कर रहे हैं।