सिंगाही थाने के गांव खैरीगढ़ में तीन बहनों के अपहरण मामले में पुलिस ने तीन और अपहर्ताओं की गिरफ्तारी कर ली है। इनके कब्जे से फिरौती में वसूले गए पांच लाख में से एक लाख 48 हजार 500 रुपये बरामद हुए हैं। इसके अलावा घटना में प्रयोग की गई एक बाइक और तीन तमंचे भी बरामद हुए हैं। अब चार अपहर्ताओं की गिरफ्तारी शेष है। जबकि इससे पहले तीन अपहर्ताओं की गिरफ्तारी कर चालान भेजा जा चुका है।
एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि 16 जनवरी 2016 की रात को खैरीगढ़ निवासी रामबली गुप्ता की तीन बेटियों को बाइक से आए छह बदमाशों ने अगवा कर लिया था, जिसके बाद छह अज्ञात बदमाशों के खिलाफ सिंगाही थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद 18 जनवरी को तीनों बहनों को पांच लाख की फिरौती देकर अपहर्ताओं से सकुशल मुक्त कराया गया था।
22 जनवरी को चंदनचौकी क्षेत्र के गांव रघुनगर में एसटीएफ और पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनके पास से 2.63 लाख रुपये बरामद हुए थे। पूछताछ में बदमाशों ने अपहरणकांड में 10 लोगों के शामिल होने की बात कुबूल की थी। फरार चल रहे सात बदमाशों की तलाश में सीओ के निर्देशन में पुलिस टीम लगाई गई थी।
सुरागरसी और सर्विलांस सेल की मदद से पुलिस टीम ने बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे बेलरायां रेलवे क्रॉसिंग के पास से तीन अपहर्ताओं को धर दबोचा, जिनकी पहचान हिस्ट्रीशीटर चरनजीत सिंह उर्फ चन्नी उर्फ चरनी निवासी रघुनगर थाना चंदनचौकी, विजय सिंह उर्फ विज्जी निवासी रघुनगर और मुश्ताक निवासी फरिंदपुरवा थाना सिंगाही के तौर पर हुई है। एसपी ने बताया कि अभियुक्त चरनजीत के पास से एक लाख रुपये, तमंचा-कारतूस और बाइक बरामद हुई है। अभियुक्त मुश्ताक के पास से 40 हजार रुपये और तमंचा बरामद हुआ हैै। जबकि अभियुक्त विजय के पास से साढ़े आठ हजार रुपये और तमंचा बरामद हुआ है।
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तीनों बदमाश है काफी शातिर
एसपी ने बताया कि चरनजीत सिंह थाना चंदनचौकी का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिस पर जिले के अलग-अलग थानों में लूट, हत्या और अपहरण के कई मुकदमे दर्ज हैं। 24 जनवरी को उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। वहीं विजय सिंह भी चंदनचौकी का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। जबकि तीसरे अभियुक्त मुश्ताक के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
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टीम में ये रहे शामिल
तीन अपहर्ताओं की गिरफ्तारी में चंदनचौकी थाना प्रभारी फूलचंद, एसओ सिंगाही संजय सिंह यादव, स्वाट टीम प्रभारी अजय यादव मय हमराही शामिल रहे। जबकि सर्विलांस सेल के सिपाही शराफत का अहम योगदान रहा।