लाखों के फर्जीवाड़े का खुलासा
मिशन निदेशक ने आरबीएसके कार्यक्रम में लगे वाहनों के मांगे प्रपत्र
सीतापुर जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मोबाइल हेल्थ टीम एवं सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में लगाए गए वाहनों में लाखों का फर्जीवाड़ा मिला है, जिसकी पुष्टि सीडीओ की जांच रिपोर्ट में हुई है और अब इसकी आंच लखीमपुर तक पहुंच गई है। मिशन निदेशक ने सीएमओ से इस कार्यक्रम के तहत लगे वाहनों की सूची और उनके भुगतान संबंधी कागजात तलब किए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक आलोक कुमार ने सीतापुर जिले में आरबीएसके कार्यक्रम के तहत मोबाइल हेल्थ टीम एवं सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में लगे वाहनों की जांच सीडीओ से कराई थी, जिसमें करीब 42 लाख का फर्जीवाड़ा सामने आया था। जांच में हुए खुलासे के अनुसार अधिकारियों ने सेवा प्रदाता एजेंसी के देयकों का भुगतान बिना कटौती के और बगैर लॉग बुक देखे कर दिए। जिन वाहनों को लगाया गया है वह टैक्सी वाहन परमिट भी नहीं है। अधिकारियों ने एलएमवी, लाइट गुड्स व्हीकल एंव थ्री व्हीलर आदि के नंबर पर भुगतान कर दिया। सीतापुर में हेरफेर सामने आने के बाद मिशन निदेशक ने सीएमओ डॉ. जावेद अहमद से भी मोबाइल हेल्थ टीम एवं सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में लगे वाहनों की सूची, निविदा फाइल, भुगतान बिल, रजिस्ट्रेशन, परमिट वाहन आदि के प्रपत्रों की हार्डकॉपी तलब की है। सीएमओ ने बताया कि अभी तक बेहजम, फूलबेहड़, ईसानगर और कुंभी से ही प्रपत्र मिले हैं।
यहां के अधीक्षकों ने नहीं दिया ब्यौरा
फरधान, निघासन, बिजुआ, बांकेगंज, मोहम्मदी, रमियाबेहड़
यहां का मिला अपूर्ण
पलिया, पसगंवा, नकहा,मितौली, धौरहरा।
सभी अधीक्षकों से आरबीएसके कार्यक्रम में लगे वाहनों संबंधी प्रपत्र मांगे गए हैं, जिसमें से कुछ ने अभी तक प्रपत्र नहीं भेजे हैं जबकि कुछ के अपूर्ण हैं। जल्द ही प्रपत्र जमा करके मिशन निदेशक को भेज दिए जाएंगे।
डॉ. जावेद अहमद, सीएमओ