करोड़ों रुपये की सुपारी की तस्करी के मामले में पकड़े गए आरोपियों की रिहाई के लिए कोई जुगत काम नहीं आई और एसीजेएम डॉ. दीनानाथ की सतर्कता से इस फर्जीवाडे़ का खुलासा हो गया। प्राथमिक जांच के बाद एसीजेएम कोर्ट ने एक वकील सहित पांच लोगों के खिलाफ अदालत से धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
नेपाल के रास्ते तस्करी कर भारत में लाई जा रही करोड़ों रुपये की सुपारी को संपूर्णानगर पुलिस ने पकड़ा था, पुलिस के मुताबिक ढाई करोड़ से भी अधिक की सुपारी को बिना टेक्स दिए समुचित प्रपत्रों के बिना जालसाजी से लाया जा रहा था। मामले में हापुड़ जिले के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी सुरेश कुमार और पड़ोसी पीलीभीत जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम चंदोई निवासी जाहिद हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत मंजूरी के बाद जालसाज व्यक्तियों ने अदालत से भी धोखाधड़ी करने में गुरेज नही किया।
ये हैं जमानतदार
अभियुक्त सुरेश की रिहाई के लिए उमाशंकर निवासी ओदरहना और रामप्रसाद निवासी ज्ञानपुर के कागजात पेश हुए, तो जाहिद की जमानत के लिए सुमनदेवी निवासी ज्ञानपुर व महेश निवासी ओदरहना ने एक मुंशी के साथ अदालत आकर अपने कागजात पेश किए, इनकी ओर से फर्जी इंतखाब खतौनी, फर्जी पहचान पत्र के अलावा कोतवाली और तहसीलदार की फर्जी मुहर लगी झूठी सत्यापन आख्या पेश करते हुए मुल्जिमान की रिहाई की कोशिश की।
वकील पर भी रिपोर्ट के निर्देश
इस पूरे मामले में केवल उमाशंकर का पता ही तस्दीक हुआ बाकी जमानतदारों के नाम और पते फर्जी निकले, इन सबके सत्यापन एक अधिवक्ता के नाम से किए गए। लिहाजा वकील और घटना में शामिल मुंशी के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए।