इंसाफ मिलते-मिलते गुजर गए 26 साल
पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण पर हमला करते हुए अंग-भंग करने के मामले में एडीजे बाबूराम ने दो हमलावरों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी श्रीपाल जायसवाल ने बताया कि हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम उदयपुर निवासी शिवप्रसाद के मकान के सामने सहन की जमीन पड़ी थी, गांव के ही लोग उस पर कब्जा करने के प्रयास में थे। इसी के चलते पूर्व प्रधान जगदीश ने दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौता भी करा दिया था लेकिन इसके बावजूद 22 अगस्त 1990 की रात शिवप्रसाद के घर में गांव के खूबलाल, भूधर और खुशीराम ने धावा बोल दिया। हमलावरों ने कांता, बल्लम और लाठी-डंडे से प्रहार करते हुए शिव प्रसाद को घायल कर दिया। इस हमले में शिवप्रसाद के होंठ कट गए और दांत टूट गए थे, आरोप है कि हमलावरों ने जान से मार डालने की नीयत से झोपड़ी में आग भी लगा दी थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन के समर्थन में राजेेंद्र, महेंद्र प्रसाद, नंदलाल गुप्ता, केशवराम सिंह, रमेश चंद्र वर्मा की गवाही पेश की गई, और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने सुनवाई के बाद खूबलाल और खुशीराम को दोषी साबित पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर साढ़े आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया है कि वसूले गए जुर्माना में से आधी रकम चोटिल को दी जाएगी।