मामला दर्ज कराने के बाद अदालत में गवाही से मुकर जाने की प्रवृत्ति पर एडीजे एमजी मदार ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे ही एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए गवाही से मुकरने वाले पिता-पुत्र के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज किया है।
गोला थाना क्षेत्र के ग्राम तिनावा मजरा अलियापुर निवासी रामकिशोर पर 30 जुलाई 2013 की रात आठ बजे गांव के नलकूप पर हमला हुआ था। उसे बचाने के लिए जब उसका लड़का जितेंद्र व परिवार वाले पहुंचे तो हमलावरों ने उनकी भी पिटाई की थी। भाला-बल्लम भी चले थे। घायल रामकिशोर के लड़के जितेंद्र ने 31 जुलाई 2013 को इस बावत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने गांव के ही धनीराम, नेतराम, राजेंद्र प्रसाद और धनीराम की पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जितेंद्र, उसके पिता रामकिशोर सहित कई गवाहों ने हमलावरों को बचाने वाली गवाही दी। बताया कि वे हमलावरों को पहचान नहीं पाए थे नामजद आरोपी निर्दोष हैं, अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए नामजद आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का फैसला सुनाया है। साथ ही अदालत में सही तथ्य न पेश करने के कारण जितेंद्र्र और रामकिशोर को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए उनके खिलाफ प्रकीर्ण मामला दर्ज किया है। दोनाें को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।