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प्रदूषण चेकिंग में एक का चालान

Sun, 13 Sep 2015 11:45 PM IST
गोला गोकर्णनाथ
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प्रदूषण चेकिंग के नाम पर धन उगाही का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति ने चेकिंग करने वाले के खिलाफ नामजद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने गिरफ्तार कर उसका चालान भेज दिया है।
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नगर के मोहल्ला गढ़ी निवासी सुरेंद्र कुमार मिश्र ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह भारत भूषण कॉलोनी निवासी विकास के साथ बाइक से हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव नंगापुर एक मिट्टी गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में कंजा गांव के पास सड़क के बाई पटरी पर स्टूल पर मशीन रखे हुए दो लोगों ने उनकी बाइक रोक ली और कहा कि प्रदूषण की रसीद कटाओ तब जाने दूंगा। उन्होंने कहा कि वह मिट्टी से लौट रहे हैं, उनके पास रुपये नहीं हैं। बाद में रसीद बनवा लेंगे। वहां पर मौजूद दो गार्ड, राजीव वर्मा और डीपी आर्या जो उनके मोहल्ले के ही रहने वाले हैं ने बाइक की चाबी निकालकर अपने पास खड़ी कर ली। 200 रुपये की रसीद न कटाने पर बाइक जब्त कर मारपीट करने की धमकी दी। रास्ते पर निकल रहे अन्य बाइक सवार लोगों से 200 रुपये की रसीद काटते रहे। भयभीत होकर उन्होंने अपने घर सूचना दी तब कई लोग उनके घर से आ गए, जिन्हें देखकर डीपीआर्या और दोनों गार्ड भाग गए। सभी लोगों ने राजीव वर्मा और उनकी मशीन, बैग को पकड़ कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने राजीव वर्मा के नामजद धारा 342, 385, 386 आईपीसी के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर चालान भेज दिया है।
राजीव वर्मा ने बताया कि वह मोहम्मदी रोड स्थित हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव तुर्कीखेड़ा के पास प्रदूूषण जांच के लिए बैठे थे। उनसे कुछ लोगों ने द्वेष भावना वश मारपीट कर मुकदमे में फंसा दिया है। राजीव वर्मा की पत्नी पल्लवी वर्मा ने आईजी जोन को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है, वहीं एनजीओ के महामंत्री डीपी आर्या ने राजीव वर्मा के साथ मारपीट करने वाले लोगों के विरुद्घ नामजद रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर दी है। व्यापार संगठन के प्रदेश मंत्री वरुण अग्रवाल ने घटना की निंदा की है।
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कोतवाल एके उपाध्याय ने बताया कि आरोपी राजीव वर्मा के पास मिले परिवहन विभाग आयुक्त के पत्र में एनजीओ का कार्यकाल 17 सितंबर 2015 तक और कार्यस्थल बांकेगंज रोड स्थित सर्वोदय नगर मोहल्ला दर्शाया गया है। पत्र के मुताबिक एनजीओ द्वारा लोगों के वाहनों को स्वेच्छा से प्रदूषण परीक्षण कराकर प्रदूषण मुक्त प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार भी कार्यस्थल पर ही वाहनों का प्रदूषण जांचकर प्रदूषणमुक्त प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया गया है, जिसमें किसी भी वाहन चालक को जबरन रोककर वाहन का प्रदूषण चेक करना या दबाव बनाना अवैध बताया गया है।
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