बेमौसम बारिश और ओले गिरने से बर्बाद हुई गेहूं की फसल देखकर सदमे में तहसील सदर अंतर्गत ओयल के मोहल्ला मुराउन टोला निवासी 37 वर्षीय किसान बाबूराम ने बाग में एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी मौत से पत्नी और तीनों पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल है। कसबे में भी शोक है। पुलिस वालों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार वालों के हवाले कर दिया है।
बाबूराम पांच भाइयों में सबसे छोटा है। उसे हिस्से में मात्र ढाई बीघे खेत मिला था। परिवार में पत्नी मोहिनी के अलावा तीन बेटियां क्रमश: 14 वर्षीय सुष्मिता, 12 वर्षीय शिप्रा और सात वर्षीय मानसी हैं। परिवार में अकेले कमाने वाला बाबूराम कम खेती के कारण सब्जी मंडी में सब्जी बेचकर किसी तरह परिवार चलाता था। इस बार उसने गेहूं बोया तो अच्छी फसल देख वह काफी खुश था, लेकिन जब फसल काटने की नौबत आई तो बालियों में एक दाना न देख वह परेशान रहने लगा। बुधवार को दोपहर लगभग ढाई बजे बाबूराम घर पर गेहूं कटाई के लिए मजदूर लाने की बात कहकर निकला और देर शाम तक नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। बुधवार की रात करीब आठ बजे परिवार वालों को बाबूराम की लाश मोहल्ले के ही बीटू सिंह के आम के बाग में एक पेड़ से लटकती हुई मिली। यह देख परिवार वाले रोने बिलखने लगे। कसबे में जिसने सुना वही सन्न रह गया। सूचना पर पहुंचे ओयल चौकी इंचार्ज संदीप यादव ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। गुरुवार को एसडीएम सदर एसपी सिंह और तहसीलदार नीरज प्रसाद पटेल ने मौका मुआयना किया।
डीएम-खीरी किंजल सिंह ने बताया कि किसान ने किस हालात में फांसी लगाकर आत्महत्या की, इसकी जांच की जा रही है। एसडीएम की जांच आख्या के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।