दहेज के लिए विवाहिता की कर दी थी हत्या
दहेज की मांग के चलते विवाहिता को मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे बाबूराम ने पति और सास को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए श्रीपाल जायसवाल ने बताया कि गोला थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर गोकुल निवासी उत्तम कुमार ने बेटी राजकुमारी की शादी भीरा थाना क्षेत्र के कस्बा बिजुआ निवासी आलोक कुमार के साथ पांच नवंबर 2006 को की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग के चलते विवाहिता को ससुराल वालों ने परेशान करना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में 17 जून 2012 को राजकुमारी की संदिग्ध हालात में आग लगने से मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता उत्तम ने पति आलोक, सास राजू देवी सहित छह ससुरालीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने आलोक, राजू देवी और एक अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालती सुनवाई के दौरान एक अन्य की ओर से नाबालिग होने की दलील को मंजूर करते हुए उसकी फाइल अलग सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। एडीजे बाबूराम ने इस मामले में दोनो पक्षों की सुनवाई के बाद पति आलोक और सास राजू देवी को दहेज हत्या के लिए दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही दोनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।