हारते-हारते जीत गई सच्चाई
पत्नी के झगड़ने से नाराज होकर उसे मिट्टी का तेल छिड़क जलाकर मार डालने के मामले में जिला जज राजवीर सिंह ने हत्यारोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने हत्यारोपी पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराज सिंह यादव ने बताया कि थाना फूलबेहड़ के ग्राम बड़ागांव सिसोरा निवासी निसार अहमद ने अपनी बेटी शफीकुन्निशा की शादी सन 2010 में थाना हैदराबाद के ग्राम अजान निवासी नसीमुद्दीन के साथ किया था। आरोप है कि शादी के बाद अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता शफीकुन्निशा को आए दिन परेशान किया जाता था। आरोप है कि 15 मार्च 2012 को भी नसीमुद्दीन ने अपनी पत्नी से झगड़ा किया था। झगड़े से नाराज होकर अगले दिन 16 मार्च की सुबह सात बजे शफीकुन्निशा पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी गई। इलाज के दौरान उसे इलाज के लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन लखनऊ में भी शफीकुन्निशा को बचाया नहीं जा सका। अदालती सुनवाई के दौरान पति नसीमुद्दीन, सास जुबैदा और नंद साबरून नामजद की गई। अदालत ने गवाही और साक्ष्य लेने के साथ ही लंबी सुनवाई के बाद पति नसीमुद्दीन को पत्नी शफीकुन्निशा की हत्या का दोषी पाया। इस पर अदालत ने हत्याभियुक्त को अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने नसीमुद्दीन पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं आरोपित सास जुबैदा और नंद साबरून के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण मामले से बरी किया गया है।