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ऑनर किलिंग में पिता-पुत्र को उम्रकैद, जुर्माना भी

Tue, 15 Dec 2015 07:19 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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ऑनर किलिंग के चर्चित मामले में कोर्ट ने सात साल बाद अपना फैसला सुनाया है। परिवारीजनों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह करने से नाराज पिता- पुत्र ने कुछ लोगों के साथ मिलकर अपनी बेटी और उसके प्रेमी पति और उसके अबोध बच्चे को मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में जिला जज बीडी मिश्र ने हत्यारोपी पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।  
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अभियोजन पक्ष रखते हुए प्रभारी डीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव मूडाविशनू निवासी भागवंत की पुत्री निशा का पड़ोसी उमाकांत से प्रेम-सबंध हो गए थे। दोनों ने परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ वर्ष 2004 में गांव से भागकर शादी कर ली और लखीमपुर में रहने लगे थे। यहां उमाकांत जीप चलाकर परिवार का पालन पोषण करने लगा। इस बीच उनके एक बच्चा भी पैदा हुआ। जब बच्चा एक साल का हो गया तो अपने बेटे और पत्नी को लेकर उमाकांत 14 जुलाई 2008 को गांव पहुंचा।
अभियोजन के मुताबिक इस बात की खबर जब निशा के घर वालों को लगी तो भागवंत, शिवदयाल, ओमकार, दिनेश, शेष कुमार, कौशल किशोर, बिटोला देवी और किशोर युवक ने लाठी-डंडा, कांता, बल्लम, हसिया, बगौड़ी आदि लेकर उमाकांत के घर पर धावा बोल दिया। निशा को मार पीटकर मौत के घाट उतार दिया, यह देख उमाकांत अपने अबोध बच्चे को लेकर भागने लगा तो उसे भी गांव में ही घेर कर मार डाला। हत्याभियुक्तों ने एक वर्ष के अबोध बच्चे को भी जिंदा नहीं छोड़ा। अपने बेटे और बहू को बचाने के लिए जब उमाकांत की मां बृजरानी और भाई मातादीन पहुंचे तो उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया।
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प्रभारी डीजीसी कौशल किशोर ने अभियोजन की ओर से रमाकांत, डॉ.बद्रीश, मातादीन, रामपाल, तत्कालीन एसओ मुन्नाबाबू निरंजन की गवाही पेश की तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। जिला जज बीडी मिश्र ने इस तिहरे हत्याकांड में युवती के पिता भागवंत और भाई कौशल किशोर को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जबकि नामजद हत्यारोपी शिवदयाल, ओमकार, दिनेश, शेष कुमार और बिटोला देवी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में व्यवस्था दी है कि वसूले गए जुर्माना की रकम में से चोटिल बृजरानी और मातादीन को 20-20 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए।
प्रभारी डीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि अभियोजन की ओर से ऑनर किलिंग के  इस गंभीर मामले में पर्याप्त सबूत पेश किए गए थे, तिहरे हत्याकांड को सिर्फ दो ही हत्यारोपियों ने अंजाम दिया हो ऐसा संभव नहीं लगता है, फिलहाल अभी फैसले की नकल नहीं प्राप्त हुई है, छूटे हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए क्रॉस अपील की जाएगी।
तिहरे हत्याकांड में नामजद आठ हत्यारोपियों में से दो हत्यारोपी भागवंत और कौशल किशोर को तो सजा सुनाई गई है वहीं पांच हत्यारोपी संदेह का लाभ पाते हुए बरी हुए हैं लेकिन एक हत्यारोपी के किशोर अपचारी घोषित होने के कारण उसकी फाइल की सुनवाई किशोर न्यायबोर्ड को अलग कर भेज दी गई है, जिसकी पत्रावली अभी भी लंबित चल रही है।
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