सोमवार की शाम बसैगापुर के पास हुआ था हादसा
एक ही कुनबे के चार लोगों की मौत से हजरतापुर में पसरा सन्नाटा
थाना फूलबेहड़ के बसैगापुर के पास सोमवार को हुए सड़क हादसे में घायल हुए इसराइल की लखनऊ में मौत हो गई। घटना के दिन उनकी पत्नी, दो बच्चों की मौत हो गई थी, उसके अस्पताल में भर्ती दो बच्चे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। एक ही कुनबे के चार लागों की मौत से गांव हजरतापुर में मातमी सन्नाटा पसर गया। मंगलवार को गमगीन माहौल मे तीन शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक इसराइल का शव अभी घर नहीं पहुंचा था। उधर पुलिस ने चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर बस कब्जे में ले ली है।
सोमवार को भीरा-पलिया हाईवे स्थित बसैगापुर चौराहे के पास लखीमपुर की ओर जा रही प्राइवेट यात्री बस ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक चला रहा गांव हजरतापुर निवासी इसराइल, उसकी पत्नी अफसाना, पुत्र जीशान और सोफियान घायल हो गए थे, जबकि 12 वर्षीय पुत्री महर, सात वर्षीय महक की मौके पर ही मौत हो गई थी। अफसाना ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसराइल, जीशान और सोफियान की हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर किया था। जहां इसराइल की भी मौत हो गई। इधर अफसाना, महर और महक के शव जब गांव पहुंचे तो पूरा गांव बिलख उठा। गमगीन माहौल में तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
एक साथ उठे तीन जनाजे तो रो पड़ा गांव
इसराइल मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाता था। उसके छह बच्चे थे। इसराइल पत्नी और चार बच्चों को लेकर रविवार को फूलबेहड़ क्षेत्र के झाऊपुरवा अपनी ससुराल में एक कार्यक्रम मे शामिल होने गया था। सोमवार को हादसे ने परिवार की खुशियां छीन ली।
नहीं मिली इमदाद
चुनाव आचार संहिता के चलते परिवार को कोई तात्कालिक सहायता भी नहीं मिल सकी। एसडीएम सदर सैमुअल पाल ने बताया कि चुनाव के चलते मृतक के परिवार वालो को कोई तात्कालिक लाभ नहीं मिल सका है। मृतक के परिवार वालों को कृषक और पारिवारिक योजना का लाभ दिलाया जाएगा। इधर, सपा नेता नियामत अली ही गांव पहुंचे और परिवार को ढाढ़स बधाया।
90 रुपये की बचाने के लिए लेली चार लोगों की जान
तीन मिनट लेट थी बस, देरी पर 30 रुपये प्रति मिनट जुर्माने का है प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरवल। बसैगापुर चौराहा पर एक परिवार के चार लोगों की मौत महज नब्बे रुपये जुर्माना बचाने में चली गई। क्योंकि जिस बस से हादसा हुआ वह तीन मिनट लेट हो रही थी।
लखीमपुर-पलिया के बीच करीब 80 किलोमीटर की दूरी है। यह दूरी तय करने के लिए प्राइवेट बस यूनियन ने दो घंटा 10 मिनट का समय निर्धारित कर रखा है। लखीमपुर से पलिया तक शिगारपुर, सुंदरवल, पडरिया तुला और भीरा चार चेकपोस्ट हैं, जिसमें शिगारपुर को छोड़कर तीन जगह निर्धारित समय से ज्यादा समय पर पहुंचने पर तीस रुपये प्रति मिनट जुर्माना और इससे अधिक लेट होने पर अगला नंबर कटने का प्रावधान है। इसके अलावा प्रति मिनट 30 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। जिस बस से हादसा हुआ वह बस तीन मिनट देरी से चल रही थी। जुर्माना भरने से बचना हादसे का सबब बना।
स्पीड पर लगेगी ब्रेक
लोगों के मुताबिक लखीमपुर-पलिया के बीच दौड़ने वाली प्राइवेट बसें सीमा से अधिक स्पीड से फर्राटा भरती हैं। इससे आए दिन हादसे होते हैं। यूनियन की ओर से बसों के आने-जाने के लिए समय सारिणी बनाई गई है। बताते हैं समय के उल्लंघन पर चालक को मिनट के हिसाब से पेनाल्टी भरनी पड़ती है। इसी चक्कर मे चालक बसों को सीमा से अधिक रफ्तार देते हैं। यही रफ्तार अब तक कई लोगों की मौत का कारण बन चुकी है। सोमवार को बसैगापुर मे हुए हादसे के बाद नाराज ग्रामीणों के चक्का जाम बाद प्रशासन ने यूनियन के लोगों के पेंच कसे। जुर्माना वाला प्रावधान बंद करने के साथ ही बसों की स्पीड पर नियंत्रण करने की चेतावनी दी। इस बात की पुष्टि एसडीएम सदर सैमुअल पाल एन ने की।