क्षेत्र के रहजनियां गांव में बिना फाटक वाले रेलवे क्रॉसिंग से गुजर रही बारातियों से भरी मारुति वैन मंगलवार की सुबह शाहजहांपुर-कानपुर पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई। टक्कर से वैन के परखच्चे उड़ गए और वैन में सवार एक ही गांव के 11 बारातियों में से छह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में वैन चालक समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सीतापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए। उधर, हादसे की सूचना मिलने पर बाकी बाराती भी दुर्घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े, इससे विदाई कार्यक्रम रुक गया। देर शाम तक विदाई नहीं हो सकी थी।
रहजनियां रेलवे क्रॉसिंग से करीब तीन किलोमीटर दूर गांव जमुनिया रना निवासी शिवरतन के घर सोमवार की रात हरदोई के थाना हरियावां के गांव बेला कपूरपुर निवासी मूला के पुत्र रामसेवक की बारात आई थी। मंगलवार की सुबह जब दुल्हन की विदाई की तैयारी शुरू हुई तो उससे थोड़ा पहले 11 बाराती मारुति वैन संख्या यूपी 27 एस 2871 से बेला कपूरपुर गांव को रवाना हो गए। तभी मारुति वैन रहजनियां के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय सुबह 8.38 बजे शाहजहांपुर की ओर से आ रही 54328 डाउन शाहजहांपुर-कानपुर पैसेंजर की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे में मारुति वैन काफी दूर उछलकर गिरी और उसमें सवार बाराती भी वैन से छिटककर बाहर जा गिरे।
हादसे में छह बाराती थाना पसगवां के गांव सकरा निवासी 62 वर्षीय मैकूलाल, थाना हरियावां (हरदोई) के गांव बेला कपूरपुर रामलड़ैते के 25 वर्षीय पुत्र विपिन, महेंद्र पाल के 30 वर्षीय पुत्र संतोष, बहेटा गोकुल (हरदोई) थाने के गांव कमालपुर निवासी 35 वर्षीय सत्यप्रकाश पुत्र खड़गा, शाहबाद (हरदोई) के गांव दरियापुर निवासी 60 वर्षीय रामस्वरूप और लोनार (हरदोई) के गांव जगदीशपुर निवासी 45 वर्षीय निर्मल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि वैन चालक विकास (30) निवासी लोनहा (पिहानी), अंकुर (10), अनिल (25), इशांत (12), मनीष (13) निवासी बेलाकपूरपुर व एक अन्य घायल गंभीर रूप से घायल हो गए। छठे व्यक्ति की पहचान वर्मा (उपनाम) के रूप में हुई है, जो हरियावां (हरदोई) का रहने वाला है। हादसे की सूचना पर पसगवां थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायलों को सीतापुर जिला अस्पताल भेजा। हादसे की सूचना मिलने पर डीएम किंजल सिंह, एसपी अरविंद सेन और सीओ मिथिलेश कुमारी दीक्षित ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी ली। बाद में रेलवे के अधिकारी और राहत ट्रेन भी पहुंची।
विदाई टली, मातम में बदली शादी की खुशियां
रहजनियां के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हुए ट्रेन हादसे के समय जमुनियां गांव में शिवरतन के घर उनकी बेटी कमला देवी की विदाई की तैयारी चल रही थी। इसी बीच ट्रेन हादसे की मनहूस सूचना घरवालों और ग्रामीणों को मिली। फिर क्या था, विदाई का कार्यक्रम रुक गया और जिन चेहरों पर खुशियां झलक रही थीं, उन चेहरों पर मातम छा गया। पलक झपकते ही खुशियों से भरे घर का माहौल गम में बदल गया। जो जहां था वहीं ठहर सा गया। कोई कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। आनन-फानन में लड़की वाले विदाई का कार्यक्रम टाल कर ग्रामीणों के साथ मौके पर रवाना हुए। जिस घर में बेटी की शादी की शहनाई व ढोलक की थाप सुनाई दे रही थी, वहां सब कुछ वीरान सा नजर आ रहा है। गांव के लोग इस हादसे को भूल नहीं पा रहे हैं। उनका कहना था कि जिन्हें कुछ देर पहले वे लोग नाश्ता कराकर विदा कर रहे थे, उन्होंने स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि बाराती ट्रेन हादसे का शिकार हो जाएंगे।
...हर किसी की आंखों से छलक पड़े आंसू
जिसे भी इस ट्रेन हादसे की जानकारी मिली वह खुद को रोक नहीं पाया और घटनास्थल पर भाग खड़ा हुआ। देखते ही देखते हजारों की भीड़ रेलवे क्रॉसिंग पर एकत्र हो गई। हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं व लोगों की आंखों में आंसू छलक पड़े।
घंटों पड़े रहे बारातियों के शव, नहीं पहुंचे घरवाले
रहजनियां रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन हादसे का शिकार हुए बारातियों के शव काफी देर तक घटनास्थल पर ही पड़े रहे। इस दौरान पुलिस, लड़की पक्ष के लोग और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, लेकिन हरदोई से बारात में शामिल होने आए अन्य लोग घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। पुलिस ने काफी देर तक परिवार वालों का इंतजार किया, लेकिन जब कोई नहीं मिला तो पुलिस ने बिना पंचनामा भरे ही शवों को जिला मुख्यालय भेज दिया।
ट्रेन हादसे की जानकारी होने पर घटनास्थल पर पहुंचे एसपी अरविंद सेन ने जल्द शवों का पंचनामा कराने की मंशा से सदर कोतवाली के एसएसआई एसएन यादव, एसआई, दुर्गेश मिश्रा, एलआरपी चौकी इंचार्ज संतोष सिंह सहित कई पुलिसकर्मियों को दोपहर से ही तैनात कर दिया था। मैगलगंज के रहजनियां मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग से शव उठकर लखीमपुर भी आ गए। शवों को यहां लाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रख लिया गया। पुलिस ने घंटों पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिवार वालों का इंतजार किया, लेकिन लेकिन देर शाम तक परिवार वाले वहां नहीं पहुंचे थे। जिसकी वजह से पुलिस ने मृतकों का पंचानामा उनके हुलिए के आधार पर भरा। पंचनामा भरने के बाद शवों को बिना पोस्टमार्टम कराए ही सुरक्षित रख दिया गया। देर रात को मृतकों के परिवार वाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
हादसों से सबक नहीं ले रहा रेलवे प्रशासन
लखीमपुर/मैगलगंज। खीरी जिले में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों पर बीते वर्षों में कई बार ट्रेन हादसे हुए, जिनमें दर्जनों लोगों की जान चली गई। जब भी हादसे हुए तब-तब मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों पर बैरियर बनवाने की मांग जोर पकड़ती रहा लेकिन जैसे ही पीड़ितों के आंसू थमे, फिर रेलवे प्रशासन इन हादसों को भूलता गया। शायद यहीं कारण रहा कि कभी रेलवे के अधिकारियों ने मानव रहित क्रॉसिंगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। जिसकी वजह से लगातार ट्रेन हादसे हो रहे हैं। रेलवे अधिकारी इन हादसों से सबक नहीं ले रहे हैं।
ऐशबाग-मैलानी रूट 47 पर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग हैं। वहीं हरदोई के जहानीखेड़ा से लेकर सीतापुर जिले तक 10 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग हैं। इन मानव रहित क्रॉसिंगों पर हादसों को रोकने के लिए रेलवे की ओर से हर साल नुक्कड़-नाटक के जरिए लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाता है। इस अभियान के अलावा कभी मानव रहित क्रॉसिंगों पर बैरियर/गेट लगवाने का अभियान नहीं चलाया गया। क्रॉसिंगों पर बैरियर न लगने के कारण आए दिन ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, टेंपो आदि वाहन ट्रेनों के सामने आ जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मैगलगंज के रहजनियां में हुआ ट्रेन हादसा भी रेलवे अधिकारियों की ही लापरवाही का नतीजा है। जिसमें मारुति वैन में सवार छह बारातियों को असमय ही काल के गाल में समाना पड़ा और छह लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
बैरियर के लिए कब तक करना होगा इंतजार!
पिछले दिनों खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी ने यह दावा किया था कि जिले में 47 मानव रहित क्रॉसिंगों पर बैरियर/गेट लगवाने को लेकर उन्होंने रेल मंत्रालय से स्वीकृत दिला दी थी। उनका यह भी दावा था कि इस संबंध में रेल मंत्रालय की ओर से उन्हें स्वीकृत वाली चिट्ठी भेजकर अवगत भी कराया गया था। रेल मंत्रालय के इस पत्र को मंडल रेल प्रबंधक को भी भेज दिया गया था। लेकिन जिले में अब तक कहीं भी बैरियर/गेट बनाने का काम नहीं शुरू किया गया है।
ट्रेन हादसों में कब-कब हुईं मौतें
-1990-91 में तिकुनियां-बनवरीपुर के मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक ट्रैक्टर ट्रेन की चपेट में आ गया था। जिससे ट्रैक्टर के परखचे उड़ गए थे। हालांकि चालक ने कूद कर अपनी जान बचा ली थी
-मई 2002 में ऐशबाग-मैलानी रेल प्रखंड पर बारातियों से भरी बस सुबह करीब 10 बजे मैलानी की ओर से आ रही ट्रेन से टकरा गई। इस भयानक हादसे में बस में सवार 20 बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई थी
-2009 में जसनगर मानव रहित क्रॉसिंग पर एक ट्रक ट्रेन से टकरा गई थी। हालांकि हादसे में किसी की जान नहीं गई थी
-दिसंबर 2011 में खैरटिया-तिकुनियां के बीच क्वेटली गांव के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर मारुति कार ट्रेन से टकरा गई। हादसे में कार में सवार जोगेंद्र्र सिंह और हरवंत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी।
-2013 में लखीमपुर शहर के महाराजनगर मानव रहित क्रॉसिंग पर मैलानी से ऐशबाग जा रही पैसेंजर ट्रेन से एक मारुति टकरा गई। जिसमें कार में सवार दो महिलाओं और चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस क्रॉसिंग पर पिछले डेढ़ वर्षों में चार बार हादसे हुए, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई
-नवंबर 2014 में कौड़ियाला रोड पर गुरुद्वारा के पास मानव रहित क्रॉसिंग पर गोंडा-मैलानी पैसेंजर ट्रेन से ट्रक टकरा गया। हादसे में ट्रक के परखचेे उड़ गए थे, चालक ने ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई थी
-जनवरी 2015 में खीरी टाउन के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली ट्रेन से टकरा गई। गनीमत रही कि चालक ऐन वक्त पर ट्रैक्टर से कूदकर अपनी जान बचा ली
-जनवरी 2015 में ही फरधान के पास मानव रहित क्रॉसिंग पर एक ट्रक ऐशबाग जा रही पैसेंजर ट्रेन से टकरा गया। जिससे ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया, चालक ने किसी तरह जान बचाई थी
ट्रेन हादसे के बाद घनघनाने लगे घरवालों के फोन
मैगलगंज। हादसे में छह लोगों की मौत की खबर जब दूल्हे के गांव में पहुुंची तो बारात में आए लोगों के घरवाले अपनों की सलामती को लेकर बेचैन हो गए। हादसे के कुछ देर बाद ही बारातियों के घरवालों ने दुल्हन के पिता शिवरतन और गांव के अन्य परिचितों के यहां फोन करने शुरू कर दिए। सभी यह जानने को उत्सुक थे कि हादसे में क्या हुआ और कितने लोगों की जान चली गई। मरने वालों और घायलों में कौन-कौन शामिल हैं। घरवालों के ऐसे कई सवाल थे, जिन्हें सुनकर जमुनिया रना गांव के लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। चूंकि बाराती हरदोई से आए थे, लिहाजा उन्हें पहचानना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो रहा था। सो ग्रामीण कुछ मृतकों की हुलिया बताकर पहचान करने की कोशिश कर रहे थे।
हेल्प ट्रेन लेकर पहुंचे रेलवे अधिकारी
मैगलगंज। रहजनियां मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर मारुति वैन के शाहजहांपुर-कानपुर पैसेंजर ट्रेन से टकराने की सूचना मिलने के बाद रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीतापुर के एसएसटी वीके श्रीवास्तव हेल्प ट्रेन लेकर रहजनियां पहुंचे। इसी बीच जहानीखेड़ा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक इंद्रजीत सिंह और मैगलगंज रेलवे स्टेशन पर तैनात जेई मुकेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए लेकिन रेलवे अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने घायलों को सीतापुर के जिला अस्पताल भिजवा दिया था। जबकि मृतकों को लखीमपुर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फिर वापस चले गए।
20 मिनट रुकी रही ट्रेन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रहजनियां में हादसे के दौरान छह लोगों की मौत और इतने ही लोगों के जख्मी होने की घटना के बाद शाहजहांपुर-कानपुर पैसेंजर ट्रेन करीब 20 मिनट तक घटनास्थल पर रुकी रही। इसके बाद ट्रेन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई।
हे भगवान! शवों की ऐसे हुई बेकदरी
लखीमपुर खीरी। मैगलगंज के रहजनियां में ट्रेन हादसे का शिकार हुए छह बारातियों के शवों की इस तरह बेकदरी हुई कि उन्हें देखने वाले लोग भी पुलिस को कोसते रहे। ट्रेन हादसे के बाद एक ही एंबुलेंस में सभी छहों मृतकों को बेतरतीब ढंग से लाद दिया। एक के ऊपर दूसरा शव फिर तीसरा, फिर चौथा, पांचवा और छठा। एंबुलेंस में शवों की दुर्दशा देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। लोगों का कहना था कि मरने के बाद तो शवों का कद्र करना चाहिए थी।
मृतकों की सूची
1. रामस्वरूप (50) पुत्र छोटेलाल निवासी दरियापुर थाना शाहाबाद जनपद हरदोई
2. विपिन (25) पुत्र रामलड़ैते निवासी बेलाकपूरपुर थाना हरियावां, हरदोई
3. मैकू लाल रैदास (62) पुत्र छोटेलाल निवासी सकरा थाना पसगवां जनपद खीरी
4. सत्यप्रकाश (35) पुत्र खरगा निवासी कमालपुर थाना बेहटागोकुल जनपद हरदोई
5. संतोष (30) पुत्र महेंद्रपाल निवासी बेलाकपूरपुर थाना हरियावां जनपद हरदोई
6. निर्मल (45) पुत्र छोटेलाल निवासी जगदीशपुर थाना लोनार, जनपद हरदोई