सुंदरवल स्थित सरकारी क्रय केंद्र से 40.64 लाख के गेहूं के गबन का मामला
दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले दर्ज हो चुकी एफआईआर
रबी सीजन में सरकारी क्रय केंद्र सुंदरवल से करीब 40.64 लाख कीमत का गेहूं गोलमाल करने के मामले में फूड कमिश्नर अजय चौहान ने आरोपी हैंडलिंग ठेकेदार टीएन मिश्रा की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। जबकि सहआरोपी केंद्र प्रभारी/ मार्केटिंग इंस्पेक्टर पंकज त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि इससे पहले दोनों आरोपियों के खिलाफ फूलबेहड़ थाने में 26 दिन पहले रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अभी तक पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं सकी है।
बता दें कि फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव सुंदरवल स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र से मई-जून 2017 में किसानों से खरीदे गए 2205 क्विंटल गेहूं की खेप को एफसीआई गोदाम पहुंचाने से पहले ही गायब कर कहीं बेच दिया गया था, जिसकी कीमत 40.64 लाख रुपये है। इस केंद्र पर मार्केटिंग इंस्पेक्टर पंकज त्रिपाठी बतौर केंद्र प्रभारी गेहूं खरीद की, जबकि हैंडलिंग ठेकेदार टीएन मिश्रा केंद्र से गेहूं को एफसीआई गोदाम तक पहुंचाने का काम देख रहे थे। सरकारी गेहूं खरीद जून 2017 में बंद होने के काफी समय बाद भी केंद्र का 2205 क्विंटल गेहूं एफसीआई गोदाम में नहीं पहुंचा, तो अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
गबन का मामला सामने आने पर अधिकारी हैरान रह गए, जिसकी उन्हें समय पर भनक तक नहीं लग सकी। डिप्टी आरएमओ कौशल देव ने आरोपी ठेकेदार और केंद्र प्रभारी के खिलाफ फूलबेहड़ थाने में गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच सुंदरवल चौकी इंचार्ज सुनील कुमार को सौंपी गई, लेकिन 26 दिन बीत जाने के बाद नतीजा शून्य है। न तो माल बरामद हुआ है और न ही कोई आरोपी हत्थे चढ़ा है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस की हीलाहवाली से नाराज फूड कमिश्नर अजय चौहान ने हैंडलिंग ठेकेदार टीएन मिश्रा की जल्द गिरफ्तारी करने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। वहीं केंद्र प्रभारी पंकज त्रिपाठी को सस्पेंड करते हुए कानपुर अटैच किया गया है।
इस केंद्र पर कुल 28191 क्विंटल हुई थी खरीद
सुंदरवल स्थित क्रय केंद्र पर किसानों से कुल 28191 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था, जिसके सापेक्ष विभाग ने किसानों को भुगतान भी कर दिया। सूत्र बताते हैं कि हैंडलिंग ठेकेदार ने अधिकारियों को गुमराह केंद्र पर गेहूं का स्टाक बनाए रखा, ताकि जल्द मामला पकड़ा न जा सके। इसी दौरान वह एफसीआई गोदाम पर गेहूं भेजने का चकमा देकर गेहूं को बाजार में बेचता रहा। मामला पकड़े जाने के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद केंद्र प्रभारी ने भी कोई जवाब नहीं दिया।
आरोपी ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है, जिससे करीब 12 लाख की रिकवरी हो सकेगी। मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। गबन में ठेकेदार और केंद्र प्रभारी के बीच भूमिका की जांच की जाएगी, जिसके लिए दोनों के बयान मिलने जरूरी हैं।
कौशल देव, डिप्टी आरएमओ