दहेज हत्या में कारागार में निरुद्ध धौरहरा इलाके के बंदी तरवारी लाल की मौत के बाद जेल प्रशासन ने पर्ची सिस्टम पर खास फोकस कर कारागार की गश्त व्यवस्था सख्त करने का दावा किया है। कारागार के मेन वॉल पर लगे होमगार्डों की चेकिंग और हर पोस्ट पर टंगी पर्ची पर संबंधित सिपाही के दस्तखत को ड्यूटी के अनिवार्य कार्यों में शामिल किया गया है। इन पर्चियों पर सिपाहियों को हर आधे घंटे में दस्तखत करना जरूरी है।
जेल अधिकारियों के मुताबिक पर्ची सिस्टम पुरानी व्यवस्था है लेकिन कारागार में इन दिनों इसे दिन और रात में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। कारागार के मेन वॉल पर 12 पोस्ट हैं। हर पोस्ट पर होमगार्डों की तैनाती है। सिपाहियों को आधे घंटे के अंतराल में हर पोस्ट पर चेकिंग करने के साथ-साथ ही वहां पर पहले से टंगी पर्चियों पर दस्तखत करना होगा। एक घंटे के अंतराल में सर्किल इंचार्ज समेत अधिकारियों को पोस्टों पर टांगी गई पर्चियों को चेक करना जरूरी कर दिया है। जेलर ज्ञानप्रकाश का कहना है कि इस व्यवस्था को प्रभावी करने के बाद से गश्त तेज हुई है और सतर्कता भी बढ़ी है। इसके साथ ही रायटरों को एक सीमित दायरे तक ही रहने को कहा गया है। ताकि बैरकों तक पहुंचना आसान न हो सके।