दुखद संयोग : बेटे की भी फावड़े से काटकर हुई निर्मम हत्या
सिर मुंड लेकर पूरे गांव में घूमे थे हत्यारोपी
ऑनरकिलिंग में मारे गए लालाराम के पिता करीम की हत्या भी लगभग 20 वर्ष पहले गांव के ही कुछ लोगों ने फावड़े से गला काटकर हत्या की थी और हाथ में मुंड को लेकर पूरे गांव में घुमाकर दहशत फैला दी थी। इस मामले में हत्यारोपी जेल भी गये थे, लेकिन साक्ष्य के अभाव में सभी को कोर्ट ने बरी कर दिया था। दुखद संयोग है कि बेटे को उसी तरह मारा गया।
जिस समय करीम की हत्या हुई थी। उस समय इकलौता पुत्र लालाराम करीब पांच साल का था। पति की हत्या के बाद पत्नी मुन्नी देवी लालाराम को साथ लेकर गांव गुलौला आ गई और गांव निवासी मायाप्रकाश के घर में शरण ली थी। इसी दौरान मायाप्रकाश की पत्नी की भी मौत हो गई तो मुन्नी देवी मायाप्रकाश के साथ बतौर पत्नी रहने लगी। माया प्रकाश से मुन्नी देवी को एक पुत्र और एक पुत्री है। मुन्नी देवी ने बौधनियां में स्थित अपनी डेढ़ बीघे खेती बेचकर गुलौली में पक्का मकान बनवाया था। अब उसका बेटा लालाराम 25 साल का हो गया था।
बताते हैं कि जब हत्यारोपी उस पर ताबड़तोड़ प्रहार कर रहे थे, उस समय बेखौफ थे। शायद यही वजह थी कि कुछ लोग आंखों के सामने हत्या होते देखकर भी उसे बचाने का साहस नहीं जुटा सके। गांव में चर्चा थी कि जुनून उन पर इस कदर था कि लालाराम के मरने के बाद भी शव पर हत्यारों ने कई प्रहार किए। हालांकि पुलिस के सामने लोग खुलकर कुछ कहने से गुरेज कर रहे हैं।
मई में भी हुई थी ऑनरकिलिंग
लखीमपुर खीरी। जिले में तीन माह के दौरान गांव गुलैला में ऑनरकिलिंग की हुई यह दूसरी घटना है। थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव कोटवा निवासी संजय रैदास के पड़ोस की जूली से प्रेम संबंध थे। 18 मई 2017 को दोनों के शव पड़ोसी गांव रोशननगर के खेतों में पेड़ से लटके मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोटकर हत्या होने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद पुलिस ने दावा किया था कि लड़की के पिता शिवप्रसाद ने अपने साथियों के साथ दोनों की गला घोटकर हत्या करने का जुर्म इकबाल किया था।
खुशहाल जिंदगी का दर्दनाक अंत
मोहम्मदी। प्रेम विवाह कर नया घर बसाने वाले गांव गुलौली निवासी लालाराम और उसकी पत्नी रोली की शादी के डेढ़ साल बाद भी दोनों में कभी खटपट नहीं हुई थी। रविवार की सुबह उठकर हंसी खुशी लालाराम चाय पी कर घर से निकला था। पति के जाने के बाद पत्नी रोली भी अन्य घरेलू काम निपटाने में जुट गई। उसे इस बात का कतई आभास नहीं था कि उसके ही पिता और भाई हमेशा के लिए उसकी मांग सूनी कर देंगे। बताते हैं कि रोली गौतम ने आत्महत्या करने से पहले अपने मोबाइल से अपनी मौसी को कॉल की और कहा कि उसके पति लालाराम को मारने से पहले पिता और भाई मुझे ही मार देते तो अच्छा होता। अब हम इस दुनिया में जी कर क्या करेंगे। उधर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे एसपी से दोनों शवों का पोस्टमार्टम एक साथ कराने की अपील की।
एक ही परिवार में उठी दो अर्थियां, दहल उठे लोग
मोहम्मदी। पहले पुत्र और उसके चार घंटे बाद पुत्रवधू का शव जब घर से निकला तो लोग दहल उठे। गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। घर पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। होश आने पर फिर विलाप कर रही मु्न्नी देवी को देखकर लोग अपने भी आंसू नहीं रोक पाए। आसपास की कई महिलाएं आगे आईं और मुन्नी देवी को ढाढस बंधाया।
घर में ताला डालकर फरार हुए आरोपी
मोहम्मदी। गांव गुलौला निवासी लालाराम की हत्या करने के बाद आरोपी अपने घर में ताला डालकर परिवार समेत फरार हो गए। पुलिस अब आरोपियों की तलाश के लिए उनके रिश्तेदारों और मित्रों के घरों पर दबिश दे रही है। सीओ मितौली ने कोतवाली में कैंप किया है।