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दुधवा कर्मी आज जमा करेंगे शस्त्र

Mon, 15 Feb 2016 07:05 PM IST
पलियाकलां।
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दुधवा में आंदोलित कर्मी मंगलवार को अपने-अपने राजकीय शस्त्रों को जमा कर देंगे और इसके लिए फेडरेशन ऑफ फारेस्ट ने दुधवा के सभी रेंजों में तैनात कर्मियों को सूचना दे दी है। फेडरेशन ऑफ फारेस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि उनको लग रहा है कि कोई भी उनकी सुनने वाला नहीं है इसी से मजबूर होकर वह सब यह कार्य करने जा रहे हैं। दुधवा की सुरक्षा को अब कोई खतरा होता है तो उसकी जिम्मेदारी शासन और आलाधिकारियों की होगी। फिलहाल उन्होंने सोमवार को भी अपना प्रदर्शन जारी रखा।
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गौरतलब है कि दुधवा में 27 जनवरी को जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों ने कार्य बहिष्कार शुरू किया था। उनका आरोप था कि डीएम के इशारे पर एआरटीओ ने उनकी जिप्सियों को अवैध तरीके से सीज कर दिया है। कर्मियों ने पत्र भेजकर 15 फरवरी तक कार्रवाई की मांग की थी, इसके बाद 16 फरवरी को राजकीय शस्त्र जमा करने को कहा था। सोमवार को फेडरेशन ऑफ फारेस्ट ने मंगलवार को शस्त्र जमा कर देने का ऐलान कर दिया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने दुधवा नेशनल पार्क की सभी रेंजों में तैनात अपने सदस्यों को सूचना भी करा दी है कि वह 16 फरवरी को दुधवा मुख्यालय आकर अपने शस्त्र जमा कर दें। फेडरेशन अध्यक्ष पतिराज सिंह, उपाध्यक्ष रामकुमार ने कहा कि वह ऐसा मजबूरी में करने जा रहे हैं। दो-दो बार उनका उत्पीड़न किया गया है और अब वह इन हालातों में आगे कार्य नहीं कर सकते हैं। कहा कि दुधवा की सुरक्षा को कोई भी खतरा पैदा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और आलाधिकारियों की होगी।
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ट्रिपिंग कैमरों को भी जमा कराएंगे कर्मी
वन्य जीवों की गिनती और देखरेख के लिए दुधवा नेशनल पार्क में लगाए गए कैमरों को भी कर्मी आंदोलन के तहत दुधवा मुख्यालय में जमा करवाएंगे। फेडरेशन पदाधिकारियों ने बताया कि कैमरों के चोरी होने का खतरा रहता है और इसकी भरपाई उनसे करवाई जाती है और वह कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। इसी लिए वह कैमरों को खुलवाकर मुख्यालय में जमा करवा देंगे।
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जरूरत पड़ी तो पालतू हाथियों को भी कराया जाएगा जमा
फेडरेशन ऑफ फारेस्ट के पदाधिकारियों के मुताबिक सभी कर्मी पूरी तरह से आंदोलन में कूद पड़े हैं और इसके चलते हाथियों का रखरखाव मुश्किल होगा। उनको चारा कौन खिलाएगा? इसके लिए विचार विमर्श चल रहा है और जरूरत पड़ी तो पार्क के सभी पालतू हाथियों को भी जमा करा दिया जाएगा।

बुकिंग जारी है लेकिन पहले ही कर दी जाती है ताकीद
दुधवा के लिए आनलाइन बुकिंग आंदोलन के दौरान भी जारी है। कर्मियों के मुताबिक टेक्निकल समस्या के कारण बुकिंग बंद नहीं की जा सकती है, लेकिन बुकिंग कराने वालों को ताकीद कर दी जा रही है कि दुधवा में बस ठहरना ही हो सकता है भ्रमण नहीं। इसके बाद अगर कोई आता है तो आए।

लाखों का हो चुका है नुकसान
दुधवा नेशनल पार्क में कर्मियों के आंदोलन के कारण अब तक लाखों रुपये का चूना लग चुका है। इसमें जिप्सी, हाथी, इंट्री, कैंटीन समेत तमाम प्रकार के राजस्व शामिल हैं। यहां प्रतिदिन हजारों रुपये का राजस्व आता था, जो अब शून्य है।
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